करौंदीकला/सुल्तानपुर 19 नवंबर (आरएनएस )। लगभग बीस दिन बाद छेडख़ानी करने वाले गंगाराम पर न्यायालय के हस्तक्षेप से गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा। ग्राम सभा भटौता तुलसी पट्टी में गंगा प्रसाद व एक अन्य ने नाबालिक दलित लड़की के साथ दिनांक 28.11.2025 को छेडख़ानी किया था। पीडि़ता की मां ने स्थानीय थाने पर छेडख़ानी की शिकायत की जिस पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। उल्टे छेडख़ानी के आरोपी गंगाप्रसाद ने उच्चाधिकारी को गुमराह करते हुए पीडि़ता और उसकी म आदि पर फावड़ा, तसला और सीमेंट चुराने के फर्जी आरोप में मुकदमा लिखा दिया। पीडि़ता न्याय पाने की उम्मीद से विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) के यहां वाद दायर किया। न्यायाधीश ने प्रकरण को गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष को मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश पारित किया। थानाध्यक्ष करौंदीकला ने घटना की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 76, 126(2), 352, 351(2), अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति नृशंसता 3(1)(ध) निवारण अधिनियम और लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद महिला को न्याय मिलने की आशा जग गई। सच ही कहा गया है कि ईश्वर की लाठी में आवाज नहीं होती लेकिन जिसको लगती है तो उसे छ_ी के दूध की याद दिला देती है। यही हुआ छेडख़ानी के आरोपी गंगा के साथ* थानाअध्यक्ष करौंदीकला ने कहा कि मुकदमा पंजीकृत कर जांच की जा रही है।
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