-जिला में अटैच किये गये दूसरे डॉक्टर को वापस भेजने की लोगों ने किया मांग
मिल्कीपुर-अयोध्या 19 नवंबर (आरएनएस )।नगर पंचायत कुमारगंज पिठला स्थित 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय इन दिनों मात्र एक ऑर्थो डॉक्टर के सहारे चल रहा है। शासन के मानक के अनुसार यहां दो स्थायी ऑर्थोपेडिक सर्जन होने चाहिए, लेकिन एक डॉक्टर आतिक आमिर को लगभग छे माह पूर्व जिला मुख्यालय पर अटैच कर दिया गया है। नतीजा यह है कि मौके पर सिर्फ डॉ. प्रवीण बरनवाल अकेले पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।सबसे बड़ी समस्या नाइट इमरजेंसी ड्यूटी की है। जब डॉ. बरनवाल रात में इमरजेंसी संभालते हैं तो नियमानुसार उन्हें अगले दिन अवकाश मिलता है। ऐसे में दिन के समय ऑर्थो ओपीडी बंद रहती है और फ्रैक्चर, चोट या एक्सीडेंट के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह अस्पताल कुमारगंज के साथ-साथ पड़ोसी जिलों सुल्तानपुर, अमेठी के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज इलाज के लिए यहां आते हैं। इसके अलावा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के गंभीर मरीज भी यहीं रेफर होकर आते हैं। लेकिन एकमात्र ऑर्थो डॉक्टर की मौजूदगी में आए दिन मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां दो डॉक्टर होने पर भी एक को जिला अटैच कर दिया गया। स्थानीय लोगों की मांग है कि दूसरे डॉक्टर को भी यहीं वापस भेजा जाए। अस्पताल के सीएमएस डॉ. रवि पांडेय ने बताया उच्च अधिकारियों ने एक ऑर्थो डॉक्टर को जिला स्तर पर अटैच कर रखा है। एक ही डॉक्टर होने से यह समस्या आ रही है।
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