बस्ती 19 नवंबर (आरएनएस )। दिल्ली में हुए ब्लास्ट पर ओजस्वी फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं जगद्गुरु परमहंस आचार्य के उत्तराधिकारी राजर्षि महंत एकनाथ महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बनकटी विकास खण्ड क्षेत्र के थरौली गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुँचे एक नाथ महाराज ने कहा की उन्होंने इस घटना को कड़ी निंदा के साथ जोड़ते हुए कहा कि देश आज विषम और विचलित करने वाली परिस्थितियों से गुजर रहा है।महंत एकनाथ ने कहा कि एक ओर देश में हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर सनातन एकता यात्रा निकाली जा रही है और नारे दिए जा रहे हैं कि जाति-पात की करो विदाई, हिंदू-हिंदू भाई-भाई लेकिन दूसरी ओर संविधान की सीमाओं से बाहर जाकर ऐसे कार्य हो रहे हैं, जो भारत की एकता को मजबूत करने के बजाय कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन यात्राओं से वास्तव में हिंदुओं को उनका अधिकार मिलेगा या यह सिर्फ एक भावनात्मक लहर बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश है? महंत महाराज ने कहा कि जाति रहेगी या नहीं, यह मुद्दा नहीं। असली समस्या है जाति का अहंकार, जो आज हर धर्म, हर समुदाय और हर मनुष्य में कूट-कूटकर भरा है। उन्होंने कहा कि उनके हिसाब से भारत 1947 में ही हिंदू राष्ट्र बन चुका था, लेकिन वर्षों की राजनीति, संविधान में छेड़छाड़ और ‘सेक्युलरÓ शब्द ने इसे विवादित बना दिया।एकनाथ महाराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 70 साल में संविधान के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की। ‘सेक्युलरÓ शब्द इसी का परिणाम है और यही कारण है कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने में बाधाएँ खड़ी हो रही हैं। महंत एकनाथ ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि भारत वस्तुस्थिति में हिंदू राष्ट्र है, चाहे इसे लिखित रूप में घोषित न किया गया हो।
अंत में उन्होंने देश में धार्मिक धुवीकरण की बजाय मानव यात्रा निकालने की अपील की, जो लोगों में मानवता, दया, एकता और करुणा का भाव जगाए।
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