मयूर महारास और फूलों की होली की शानदार प्रस्तुति, दर्शकों ने खूब बजाईं तालियां
रामनगर, बाराबंकी 19 नवंबर (आरएनएस ) जिले की तहसील रामनगर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेव धाम में चल रहे महादेवा महोत्सव के तीसरे दिवस बुधवार को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शाम को मुख्य आकर्षण आयोजित रहा रस-रंग संस्कृति संस्था लखनऊ द्वारा प्रस्तुत ‘मयूर महारासÓ, जिसका निर्देशन प्रख्यात कलाकार सरिता यादव ने किया। सरिता यादव वर्ष 2010 से रंगमंच, कथक और लोकनृत्य के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। उन्होंने भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय से मणिपुरी और लोकनृत्य की औपचारिक शिक्षा प्राप्त की है। महादेवा महोत्सव से उनका विशेष संबंध रहा है और वर्ष 2017 से वे लगातार अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करती आ रही हैं। राष्ट्रीय स्तर की कलाकार सरिता यादव अब तक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बंगाल, राजस्थान, बिहार, असम, रायगढ़ सहित उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं। बुधवार की सांस्कृतिक संध्या पूरी तरह भगवान श्रीकृष्ण की मोहक लीलाओं को समर्पित रही। मंच पर कलाकारों द्वारा प्रस्तुत ‘कान्हा मोहे एसो बनियो मोरÓ, ‘राधे राधे कृष्णÓ, कान्हा बरसाने में आए जैयो तथा श्रीकृष्ण के तीन रूपों द्वारा फूलों की होली जैसे मनमोहक नृत्य-नाट्यों ने दर्शकों को ब्रज की दिव्यता का अनुभव कराया। कार्यक्रम में कलाकार भरत, अंशू, सरिता यादव, गौरी, राहुल, शिवा और पायल की मनभावन प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मोहक वेश-भूषा, संगत और नृत्य की सधी अभिव्यक्ति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तीसरे दिन के इन आकर्षक आयोजनों ने महादेवा महोत्सव की सांस्कृतिक छटा को और निखारते हुए भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया। इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल तहसीलदार विपुल सिंह नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी पूर्व विधायक शरद कुमार अवस्थी समाजसेवी गौरीकांत दीक्षित सहित कई श्रोतागण एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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अजीत पांडेय की प्रस्तुति पर झूमे श्रद्धालु
रामनगर, बाराबंकी(आरएनएस )। महादेवा महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर लखनऊ से आए सुप्रसिद्ध भोजपुरी लोकगीत एवं भजन गायक अजीत पांडेय ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। उन्होंने शुरुआत महाकाल को समर्पित शक्तिपूर्ण भजन भय भी हमसे भय खाता है3 मैं महादेव का लाड़ला, मैं महाकाल का लाल रे3 से की, जिसे सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। इसके बाद उनका ऊँ नम: शिवाय जैसे भक्तिगीतों का क्रम दर्शकों को भक्ति रस में डुबोता रहा। अजीत पांडेय ने देवी गीत सृष्टि जब असुरन से लाचार हो गइल3 प्रस्तुत कर पूरे पंडाल में ऊर्जा भर दी। फिर शिव भजन सबके स्वामी हैं, यह अंतर्यामी हैं3 सुनाकर वातावरण को पूरी तरह भोले की भक्ति से सराबोर कर दिया। भोजपुरी लोकगीत नजर न कितरो लग जाए कहीं कुशल के चोटी पे3 और हो गइल बा प्यार ओढ़निया वाली से3 पर दर्शक झूमने लगे। वहीं खेले मसाने में होली दिगंबर और हरे रामा हरे कृष्णा की प्रस्तुति ने तालियों की गडग़ड़ाहट बटोरी। संगत में माधवेंद्र (तबला), देवानंद (ढोलक), गौरव मिश्रा (कीबोर्ड) और दीपक श्रीवास्तव (पैड) ने उत्कृष्ट सहयोग दिया। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी, सैयद तहजीब हैदर, आमीन प्रदीप सिंह, पवन ओझा, लेखपाल चंदन रावत सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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लोक कलाकारों ने जनता को किया जागरूक
रामनगर, बाराबंकी। सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा धाम में चल रहे महादेवा महोत्सव का तीसरा दिवस जन-जागरूकता और सांस्कृतिक प्रस्तुति के नाम रहा। बुधवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से पंजीकृत रेशमा देवी एंड पार्टी ने लोकगीतों के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया। मंच से स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता गीत स्वच्छ भारत के मिशंवा शब बिरनवा सुनीला ना की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया। वहीं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान पर आधारित भावपूर्ण गीत भैया जान मारा बिटिया के गरभवा में ने समाज को बेटी संरक्षण और शिक्षा का संदेश दिया। कार्यक्रम में आपसी एकता और सद्भाव का संदेश देते हुए कलाकारों ने बताया कि यदि मन में मेल और सामंजस्य रहेगा तो ही देश का समुचित कल्याण संभव है। इस अवसर पर प्रसिद्ध गायक मदन लाल लहरी, प्रमुख गायिका रेशमा देवी, ढोलक वादन पर राम सजीवन, हारमोनियम पर राम लखन, तथा सह-गायक सीताराम ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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