लखनऊ 19 नवंबर (आरएनएस ) विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर पंचायती राज निदेशालय, अलीगंज लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली पंचायतों और जनपदों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, प्रमुख सचिव अनिल कुमार तथा निदेशक पंचायती राज अमित कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।प्रदेशभर से आए प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में स्वच्छता अभियानों की उपलब्धियों को साझा किया गया। कार्यक्रम में नह्वद्मद्मड़ नाटक के माध्यम से स्वच्छता का संदेश देकर उपस्थित लोगों को जागरूक भी किया गया।कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ जनपद पुरस्कार गाजियाबाद, रामपुर, हाथरस, श्रावस्ती और फिरोजाबाद को प्रदान किया गया। वहीं सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में मिर्जापुर की नदिहार, बरेली की भरतौल, बिजनौर की जालबपुर गूदड़, कानपुर नगर की रमईपुर और श्रावस्ती की सरवन तारा ग्राम पंचायतें पुरस्कृत हुईं।बेस्ट कम्यूनिटी सेनेट्री कॉम्पलेक्स पुरस्कार महोबा की सिजहरी, झांसी की सिमरावारी, पीलीभीत की पिपरिया अगरू, कासगंज की मजराजात कासगंज व आजमगढ़ की वीनापारा पंचायतों को मिला।गोबर्धन प्रोजेक्ट में ललितपुर की कारीपहाड़ी, श्रावस्ती की टंडवा महंत और रामपुर की किरा ग्राम पंचायतों को श्रेष्ठ घोषित किया गया।प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट में रामपुर की सींगनखेड़ा, बरेली की भमोरा और सोनभद्र की रामगढ़ पंचायतों को सम्मान प्राप्त हुआ।पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि विश्व शौचालय दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण गरिमा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ओडीएफ प्लस की दिशा में उत्तर प्रदेश की प्रगति पंचायतों, स्वच्छता सैनिकों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास की देन है। उन्होंने कहा कि सम्मानित पंचायतें प्रदेश के लिए आदर्श मॉडल हैं और यह उपलब्धि उन्हें आगे और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देती है।प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने कहा कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, सामुदायिक शौचालयों के संचालन और प्लास्टिक मुक्त गांवों की दिशा में प्रदेश ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतों ने जनभागीदारी और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर साबित किया है कि स्वच्छता अभियान तभी सफल होता है जब उसमें समाज की भागीदारी सुनिश्चित हो। निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि पुरस्कृत पंचायतों ने योजनाबद्ध प्रयास और सतत निगरानी के माध्यम से स्वच्छता का स्थायी मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग आगे भी पंचायतों को तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराता रहेगा, ताकि प्रदेश के सभी गांवों में दीर्घकालिक स्वच्छता संस्कृति विकसित हो सके।यह कार्यक्रम न केवल उपलब्धियों का उत्सव रहा बल्कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और जागरूक बनाने के सामूहिक संकल्प का प्रतीक भी बना।
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