लखनऊ 19 नवंबर (आरएनएस)। नरेंद्र मोदी द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी किए जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने आभार व्यक्त किया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अपने प्रभार जनपद बहराइच से कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से जुड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा किसानों के हित में उठाया गया यह कदम कृषि समुदाय को निरंतर सशक्त कर रहा है।कृषि निदेशालय लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेशी व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मोदी और योगी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 2,15,71,323 किसानों के बैंक खातों में अब तक सम्मान राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। नई किस्त जारी होने के साथ प्रदेश में 4314.26 करोड़ रुपये की धनराशि लाभार्थियों के खातों में पहुँची है।उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में जहाँ 100 रुपये में से केवल 20 रुपये ही किसानों तक पहुँच पाते थे, वहीं अब पूरी राशि सीधे पात्र किसानों के खातों में भेजी जाती है। इससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़ा है और भ्रष्टाचार में बड़े स्तर पर कमी आई है। उन्होंने उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, शौचालय निर्माण जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इन कल्याणकारी कार्यक्रमों से महिलाओं और गरीब परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है।कार्यक्रम में कृषि राज्य मंत्री बलदेव औलख ने रामपुर से सहभागिता की।दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मोदी और योगी के नेतृत्व में सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन को एक नई पहचान दी है। पहले की सरकारों में बड़े घोटालों की चर्चा आम थी, जबकि वर्तमान शासन में किसी मंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और उस दिशा में अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती समिट 2025 के उद्घाटन समारोह के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की। इस दौरान 18,000 करोड़ रुपये की राशि देशभर के किसानों के खातों में डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित की गई। योजना के प्रारम्भ से अब तक 3 लाख 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को दी जा चुकी है, जो भारत के कृषि इतिहास में अभूतपूर्व उपलब्धि है।योजना के अंतर्गत पात्र कृषक परिवार—जिसमें पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल हैं—को प्रति वर्ष 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। यह पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित योजना है और राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुँचती है।योजना की शुरुआत से 20 किस्तों तक उत्तर प्रदेश में किसानों के खातों में 90,35,432 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि हस्तांतरित की जा चुकी है। 21वीं किस्त जारी होने के साथ ही किसानों को एक बार फिर राहत मिली है और प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई गति प्राप्त हुई है।
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