नईदिल्ली ,29 नवंबर (आरएनएस)। तूफानी चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। तूफान के चलते श्रीलंका में हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ में अब तक 123 लोगों की मौत हो गई है। 130 लोग लापता बताए जा रहे हैं। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) ने बताया कि राहत और बचाव कार्य जारी है और हफ्ते भर से जारी बारिश में 43,995 लोगों के घर तबाह हो गए हैं। श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया है।
डीएमसी के मुताबिक, लगभग 15,000 घर पूरी तबाह हो गए हैं और करीब 44,000 लोगों ने सरकारी शिविरों में शरण ली रखी है। भूस्खलन के चलते कई इलाकों का मुख्य क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। बिजली और जल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है और केबलें टूटने से मोबाइल नेटवर्क भी बाधित हो गया है। श्रीलंका में इससे पहले इतनी भीषण बाढ़ साल 2003 में आई थी, जब 254 लोग मारे गए थे।
भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को बचाव टीमें और मानवीय राहत सामग्री भेजी है। भारतीय वायुसेना ने कहा कि उसने श्रीलंका के लिए 21 टन राहत सामग्री, 80 से ज्यादा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवान और 8 टन सामान एयरलिफ्ट किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जान-माल के नुकसान पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारत जरूरत पडऩे पर और सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ऑपरेशन सागर बंधु के बारे में जानकारी देते हुए आज बताया, भारत के सी-130जे विमान लगभग 12 टन मानवीय मदद लेकर कोलंबो पहुंचा है। इसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और खाने के लिए तैयार चीजें शामिल हैं। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, एक और आईएल-76 विमान कोलंबो में लैंड हुआ,। इस 9 टन राहत सामग्री, 2 बचाव दल, 80 एनडीआरएफ जवान शामिल थे। कुल लगभग 27 टन राहत सामग्री पहुंचाई गई है।
तूफान दित्वाह आज 30 नवंबर को भारत के आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से टकराने की आशंका है। इस दौरान कई इलाकों में तेज हवाएं और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है और कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। एनडीआरएफ की 14 टीमें संभावित प्रभावित इलाकों में तैनात की गई हैं।
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