नईदिल्ली ,29 नवंबर (आरएनएस)। चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। तूफान से हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ में अब तक 123 लोगों की मौत हो गई है। 130 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इधर, चक्रवात के कारण कोलंबो में उड़ानें संचालित नहीं हो पा रही हैं, जिससे 300 भारतीयों सहित कई यात्री फंस गए हैं। भोजन, पानी और बुनियादी जरूरतों की समुचित उपलब्धता न होने से ये यात्री काफी परेशान हैं और हालात सुधरने का इंतजार कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अुनसार, चक्रवात दित्वाह के कारण चेन्नई जाने वाली कई उड़ानें रद्द होने के बाद से 300 से अधिक भारतीय यात्री पिछले 3 दिनों से कोलंबो के भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फंसे हुए हुए हैं। इनमें 150 तमिल नागरिक हैं, जो दुबई से श्रीलंका होते हुए यात्रा कर रहे हैं। इधर, इंडिगो ने कहा है कि खराब मौसम के कारण कोलंबो, जाफना, पुदुचेरी, तूतीकोरिन, त्रिची, चेन्नई और मदुरै आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने लोक विभाग के सचिव को कोलंबो स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने कोलंबो हवाई अड्डे पर फंसे तमिल नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों के साथ चर्चा भी की है। उन्होंने अधिकारियों से हवाई अड्डे पर फंसे भारतीय और तमिल नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की अपील की है।
इस बीच, भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के जरिए श्रीलंका को मानवीय सहायता प्रदान की है। भारतीय वायुसेना का एक सी-130जे विमान लगभग 12 टन राहत सामग्री लेकर कोलंबो पहुंच गया है। इससे पहले भारतीय नौसेना के जहाज विक्रांत और भारतीय नौसेना के जहाज उदयगिरि द्वारा पहुंचाई गई खेपों में 4.5 टन सूखा राशन, 2 टन ताजा राशन और तूफान प्रभावित परिवारों के लिए अन्य आवश्यक सामग्री शामिल थी। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस अभियान की पुष्टि की है।
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