मुख्यमंत्री ने किया 363 करोड़ 88 लाख की परियोजनाओं का उद्धघाटन
कोलकाता 8 दिसंबर (आरएनएस)। सनातन संस्कृति द्वारा आयोजित गीता पाठ के कार्यक्रम में नहीं जाने को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जवाब दिया है। कूचबिहार के दो दिनों के दौरे पर जाने से पहले एयरपोर्ट पर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि ब्रिगेड ग्राउंड में जो कार्यक्रम था वह बीजेपी का कार्यक्रम था। ऐसे में वह भला वहां कैसे जा सकती थीं। सीएम ने साफ कहा कि, अगर कोई निरपेक्ष कार्यक्रम होता, तो मैं जरूर जाती। साथ ही सीएम ममता ने यह भी कहा कि, वह उन लोगों के साथ नहीं हैं जो लोग नेताजी, विद्यासागर, राममोहन राय का अपमान करते हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि वह सभी धर्मों और सभी समुदायों का सम्मान करती हैं, लेकिन उनकी अपनी राजनीतिक विचारधारा है, और उसी के आधार पर वह तय करती हैं कि कहां जाना उचित है। उनका कहना था कि ब्रिगेड का कार्यक्रम पूरी तरह भाजपा के प्रभाव में था और ऐसे समारोह में उनकी उपस्थिति उचित नहीं होती। ममता बनर्जी ने कहा अगर कार्यक्रम निष्पक्ष होता, तो मैं जरूर जाती। मैं एक राजनीतिक दल से जुड़ी हूं और एक विचारधारा का पालन करती हूं। मैं हर धर्म और हर समुदाय का सम्मान करती हूं। लेकिन जिस कार्यक्रम से भाजपा सीधे जुड़ी हो, उसमें मैं कैसे जा सकती हूं? उन्होंने कहा मैं ऐसे आयोजनों में शामिल नहीं होती जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अपमान होता हो या महात्मा गांधी के सिद्धांतों का पालन न किया जाता हो। मेरे माता-पिता ने मुझे यह शिक्षा नहीं दी है। जो लोग बंगाल का अपमान करते हैं, बंगला-बिरोधी हैं, मैं उनके साथ नहीं हूं।
कूचबिहार में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 363 करोड़ 88 लाख की 104 परियोजनाओं का उद्धघाटन किया। वहीं सीएम ममता बनर्जी ने कूचबिहार में प्रशासनिक बैठक में अधिकारियों से यह सवाल पूछा कि, आखिर सीमा सुरक्षा बल के जवान बंगाल के लोगों को राज्य पुलिस की नाक के नीचे कैसे ले जा रही है? सीएम ने उक्त मामले पर बीरभूम में गर्भवती महिला सोनाली बीबी का मुद्दा उठाया। इसके बाद ममता बनर्जी ने राज्य के पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, मैं राज्य के अधिकारियों से कहूंगी कि, वह लोग इतने डरपोक नहीं बने, मैं आपलोगों से मारपीट करने के लिए नहीं कह रही, मैं आपसे हत्या करने के लिए नहीं कह रही! लेकिन प्रोएक्टिव तो बनो। इसके बाद मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस को ‘सहासीÓ बनने की सलाह दी और कहा, अगर कोई बंगाली बोलता है तो उसे बांग्लादेशी कहा जा रहा है। ऐसे में लोकल पुलिस क्या कर रही है? वह लोगों को आपकी हाथों से छीन रहे हैं? नाका-चेकिंग ठीक से करो। बॉर्डर से बहुत सारे लेनदेन व इधर उधर का काम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बीएसएफ और केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा, की कुछ लोगों का काम ही होता सिर्फ आलोचना करना और उन्हें बदले में भी यहीं मिलता है। ढेरों पक्षी मछली खाते हैं, लेकिन दोष मछुआरों पर लगता है! मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस से कहा, असम सरकार को बंगाल के लोगों को चि_ी भेजने का कोई अधिकार नहीं है। और मै राज्य की पुलिस से भी कह रही हूं कि, उन्हें यह देखना होगा कि कोई दूसरे राज्यों से आकर बंगाल के लोगों को गिरफ्तार न करें। यह देखना पुलिस जि़म्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस मामले पर राज्य की स्थिति साफ़ करते हुए कहा, अगर आप किसी अपराधी को गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो राज्य सरकार से बात करें। हम निश्चित रूप से अपराधी को इज्जत नहीं बख्शेंगे। लेकिन एक आम आदमी और एक अपराधी में फर्क होता है। किसी को अपराधी कहने से पहले यह देखना होगा कि वह अपराधी है या नहीं। अब से दूसरे राज्य की पुलिस या कोई भी अगर बंगाल से किसी को ले जाया जाता है, तो राज्य पुलिस को सही दस्तावेज भी जमा करने होंगे। कूचबिहार जिले में बड़ी संख्या में राजबंगशी, कामतापुरी और दूसरे माइनॉरिटी रहते हैं। मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत करते हुए कहा, चिंता मत करो। मैं डिटेंशन कैंप नहीं बनने दूंगी। क्योंकि, हम चाहते हैं कि लोग इज्जत और सम्मान के साथ रहें।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी


















