भोपाल,11 दिसंबर (आरएनएस)। हमीदिया अस्पताल परिसर में मॉर्चुरी के पास स्थित पानी की पुरानी टंकी से बुधवार तड़के दो नवजात बच्चों के अधजले शव मिलने से हड़कंप मच गया।
टंकी को अस्पताल प्रबंधन डस्टबिन की तरह इस्तेमाल कर रहा था। तड़के कचरे में आग लगने के बाद यह सनसनीखेज मामला सामने आया।
फिलहाल, दोनों शव मॉर्चुरी में रखे गए हैं। पुलिस अस्पताल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डीएनए टेस्ट और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
कचरे में आग लगने पर अस्पताल प्रबंधन ने फायर ब्रिगेड को बुलाया। आग बुझाने के बाद जब टंकी की जांच की गई तो उसमें दो नवजात बच्चों के अधजले शव मिले। शवों पर प्लास्टिक और पन्नी चिपकी हुई थी। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे कोह-ए-फिजा पुलिस को सूचना दी गई।
गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे 5 डॉक्टरों की टीम दोनों नवजात शवों का पोस्टमॉर्टम कर रही है। कोह-ए- फिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला पोस्टमॉर्टम रूम में मौजूद हैं। पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी कराई जा रही है।
पोस्टमॉर्टम हाउस के गेट पर ताले लगा दिए गए हैं। बाहर गार्डों की तैनाती की गई है। अंदर किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है। पूरे मामले को लेकर पुलिस की टीम मॉर्चुरी रूम में पदस्थ कर्मचारियों और डॉक्टर से भी पूछताछ करेगी।
पुलिस के अनुसार एक नवजात का शव करीब 90 फीसदी तक जल चुका था, जबकि दूसरा आंशिक रूप से जला हुआ था। दोनों शवों को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि पांच डॉक्टरों की टीम पोस्टमॉर्टम करेगी।
कचरे से अस्पताल में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक बेडशीट भी बरामद हुई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि बच्चों को बेडशीट में लपेटकर टंकी में फेंका गया होगा। पुलिस ने डीएनए सैंपल सुरक्षित करने के निर्देश भी दिए हैं।
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

