पिथौरागढ़,08 जनवरी (आरएनएस)। संस्कृत भारती के प्रांत संगठन मंत्री गौरव शास्त्री ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं है,भारतीय सभ्यता की आत्मा है। संस्कृत को सामान्य बोलचाल की भाषा बनाने के लिए संस्कृत भारती की ओर से कार्य किया जा रहा है। संस्कृत भारती का उद्देश्य सामान्य बोलचाल की भाषा संस्कृत को बनाना है। गुरुवार को संस्कृत भारती की ओर से विवेकानंद इंटर कॉलेज में पत्रकार वार्ता का आयोजन हुआ। प्रांत संगठन मंत्री गौरव शास्त्री ने बताया कि संस्कृत हमारी संस्कृति, परंपरा और सनातन ज्ञान को अपने भीतर समेटे हुए है। संस्कृत आम बोलचाल की भाषा बने इसके लिए संस्कृत भारती की ओर से काम किया जा रहा है। बताया कि 2001 की जनगणना के अनुसार 27 हजार लोग संस्कृत भाषा का प्रयोग करते थे। 2011 की जनगणना के अनुसार यह आंकडा दो करोड़ पहुंच गया है। एक लाख शिक्षक संस्कृत भारती ने तैयार किए हैं जो लोगों को संस्कृत भाषा सिखाने का काम कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की ओर से 13 जिलों में 13 संस्कृत ग्रामों की भी स्थापना की गई है,जिसका उद्देश्य संस्कृत को बढ़ावा देना है। इस दौरान प्रांत मंत्री गिरीश तिवारी, डॉ.रघुनाथ भट्ट, डॉ.गोपेश पाण्डेय, आचार्य पवन पाठक, धर्मराज भट्ट, प्रियांशु उप्रेती, देवेंद्र सिंह बोरा मौजूद रहे।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

