अल्मोड़ा,09 जनवरी (आरएनएस)। विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा विकसित गुणवत्तायुक्त प्रोटीन मक्का की संकर किस्म ‘वी एल पोषिका’ को केंद्रीय पश्चिमी क्षेत्र के लिए अधिसूचित कर दिया गया। यह किस्म अब राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश राज्यों के किसानों के लिए भी उपलब्ध होगी। इससे पहले यह संकर किस्म उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों के लिए अधिसूचित थी। संस्थान द्वारा विकसित यह संकर किस्म वी क्यू एल 398 और वी क्यू एल 400 के संयोजन से तैयार की गई है। ये दोनों मक्का पंक्तियां चिन्हक सहायक चयन आधारित गुणवत्तायुक्त प्रोटीन मक्का संस्करण हैं। ‘वी एल पोषिका’ जल्दी पकने वाली संकर किस्म है, जो लगभग 85 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है। इसमें ट्रिप्टोफान और लाइसिन की मात्रा क्रमश: 0.076 प्रतिशत और 0.318 प्रतिशत पाई गई है, जिससे इसकी पोषण गुणवत्ता अधिक मानी जा रही है। अखिल भारतीय समन्वित परीक्षणों के अंतर्गत केंद्रीय पश्चिमी क्षेत्र में इस किस्म का औसत उत्पादन 5,851 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर दर्ज किया गया। परीक्षणों के दौरान इसने मेडिस पर्ण झुलसा, फ्यूजेरियम तना गलन और सर्कोस्पोरा पर्ण चित्ती रोग के प्रति मध्यम स्तर की प्रतिरोधक क्षमता भी दिखाई। संस्थान के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अधिसूचना से केंद्रीय पश्चिमी क्षेत्र के किसानों को जल्दी पकने वाली, उच्च उपज देने वाली और पोषण से भरपूर मक्का किस्म का लाभ मिलेगा। इससे न केवल मक्का उत्पादन में वृद्धि होने की संभावना है, बल्कि पोषण सुरक्षा मजबूत होगी और किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी। यह किस्म क्षेत्र में सतत और लाभकारी मक्का उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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