वित्त वर्ष 2025 में 50 मिलियन टन से बढ़कर 2030 तक लगभग 70 मिलियन टन होने का अनुमान: ट्रेड आधारित स्टील वितरण
नई दिल्ली , 15 जनवरी (आरएनएस)। भारत का स्टील और निर्माण सामग्री क्षेत्र तेज़ी से विस्तार के चरण में प्रवेश कर रहा है। उत्पादन क्षमता में निरंतर वृद्धि और घरेलू मांग के स्थिर बने रहने से इस क्षेत्र को मजबूती मिल रही है। उद्योग आकलन के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2025 में भारत का स्टील उत्पादन 160 मिलियन टन को पार कर चुका है, जबकि 2030 तक स्थापित क्षमता के 300 मिलियन टन के स्तर तक पहुँचने की संभावना है।इसी तरह, बुनियादी ढाँचे और आवास क्षेत्र में लगातार बनी गति के चलते सीमेंट क्षमता में भी समानांतर विस्तार देखा जा रहा है।जैसे-जैसे क्षमता विस्तार तेज़ हो रहा है, उद्योग का फोकस अब केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इस बढ़े हुए पैमाने को बाज़ार तक कितनी कुशलता से पहुँचाया जाए, इस पर भी केंद्रित हो रहा है।उद्योग अनुमान बताते हैं कि वित्त वर्ष 2026 में भारत में तैयार स्टील की खपत लगभग 162 मिलियन टन रही, जिसमें से करीब 50 मिलियन टन स्टील ट्रेड आधारित चैनलों—जैसे डीलर, डिस्ट्रिब्यूटर, स्टॉकिस्ट और यार्ड—के माध्यम से वितरित हुआ। ये चैनल मुख्य रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम स्तर पर संचालित होते हैं। 2030 तक स्टील की मांग के लगभग 210 मिलियन टन तक पहुँचने का अनुमान है, जबकि ट्रेड आधारित वितरण के माध्यम से होने वाली आपूर्ति सालाना लगभग 70 मिलियन टन तक बढ़ सकती है। यह वृद्धि टियर 2 और टियर 3 बाज़ारों में गहरी पैठ, वैल्यू ऐडेड स्टील उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी और डीलर–डिस्ट्रिब्यूटर ढाँचे के क्रमिक आधुनिकीकरण से प्रेरित है। इन रुझानों पर नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब में आयोजित कर्टन रेज़र प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चर्चा की गई, जहाँ उद्योग से जुड़े हितधारकों ने औपचारिक रूप से बिल्ड कनेक्ट 2026 की घोषणा की। यह राष्ट्रीय स्तर का एक्सपो-कम-कॉन्फ्रेंस स्टील और निर्माण सामग्री क्षेत्र के डीलर–डिस्ट्रिब्यूटर इकोसिस्टम को सशक्त बनाने पर केंद्रित है।अखिल भारतीय लोहा व्यापार संघ के अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि ऐसा राष्ट्रीय मंच सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम स्तर के डीलर और डिस्ट्रिब्यूटरों को व्यापक पहचान दिलाने, विभिन्न क्षेत्रों के साथियों से सीखने और उद्योग के अगले विकास चरण के लिए खुद को तैयार करने में मदद कर सकता है।
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