हरिद्वार,01 फरवरी (आरएनएस)। एसएमजेएन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा है कि संसद में पेश आम बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि यह बदलते भारत की आकांक्षाओं और वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत आर्थिक कवच के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में भविष्य के भारत की तीन स्पष्ट धाराएं दिखाई देती हैं-शैक्षिक क्रांति, सामाजिक सुरक्षा और ढांचागत सुदृढ़ीकरण। इस बजट में 50,000 नई अटल टिंकरिंग लैब्स की घोषणा यह संकेत देती है कि सरकार अब डिग्री आधारित शिक्षा से आगे बढ़कर स्किल आधारित और रिसर्च-ओरिएंटेड शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। 10,000 नई मेडिकल सीटों का सृजन बड़ा कदम है। इससे न केवल प्रतिभा का पलायन रुकेगा, बल्कि मध्यम वर्ग के युवाओं के लिए डॉक्टर बनने का सपना भी अधिक सुलभ होगा। उन्होंने कहा कि यह बजट मध्यम वर्ग के लिए राहत लेकर आया है। नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय को प्रभावी रूप से कर मुक्त करना उपभोग को बढ़ावा देने वाला कदम है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स कटौती की सीमा को दोगुना करना और गंभीर बीमारियों की 36 दवाइयों को सीमा शुल्क से मुक्त करना यह दर्शाता है कि सरकार वेलफेयर स्टेट की अपनी भूमिका को गंभीरता से निभा रही है।
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