हरिद्वार,01 फरवरी (आरएनएस)। ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी अर्जुन पुरी बालयोगी की स्मृति में सप्तसरोवर मार्ग स्थित तुलसी मानस मंदिर में श्रद्धांजलि सभा के साथ षोडशी भंडारा लगाया गया। संत समाज ने उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही, तेरह अखाड़ों के संतों की मौजूदगी में स्वामी कामेश्वरानंद पुरी का विधिवत पट्टाभिषेक किया गया। परंपरानुसार चादर विधि कराई गई। इसका संचालन जूना अखाड़े के पूर्व अंतरराष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत देवानंद सरस्वती ने किया। संतों ने ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी अर्जुन पुरी के तप, त्याग और सेवा से परिपूर्ण जीवन का स्मरण किया। उनके शिष्य स्वामी कामेश्वरानंद पुरी को गुरु परंपरा का उत्तरदायित्व संभालने पर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरि, निर्मल अखाड़े के कोठारी महंत जसविंदर सिंह शास्त्री, जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण गिरि, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि, महेश पुरी, महामंडलेश्वर रामेश्वरानंद गिरि, महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि, मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती भी मौजूद रहे। स्वामी अर्जुन पुरी की कीर्ति विश्वविख्यात इस दौरान जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि स्वामी अर्जुन पुरी की कीर्ति विश्वविख्यात है। उनका जीवन तप, स्वाध्याय और सेवा को समर्पित रहा। महानिर्वाणी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर श्रीमहंत विशोकानंद ने कहा कि स्वामी अर्जुन पुरी ने तुलसी मानस मंदिर की स्थापना की थी। क्षेत्रीय विकास के लिए भी चिंतित रहते थे नगर विधायक मदन कौशिक ने कहा कि वर्ष 2002 से लेकर आज तक हर चुनाव में उनको स्वामी अर्जुन पुरी का आशीर्वाद मिलता रहा। वे न केवल सनातन धर्म, बल्कि क्षेत्रीय विकास के लिए भी चिंतित रहते थे। मेयर किरण जैसल सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी स्वामी अर्जुन पुरी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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