हल्द्वानी,02 फरवरी (आरएनएस)। झूलते बिजली के तारों से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद नहीं हैं। बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड करने की योजना को बजट की मंजूरी नहीं मिली है। आरडीएसएस योजना के बाद एडीबी से भी इसके लिए बजट नहीं मिल सका है। ऐसे में खतरा बने तारों के समाधान की योजना अधर में लटक गई है। हल्द्वानी के मुख्य मार्गों के साथ ही राजपुरा और वनभूलपुरा में बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव ऊर्जा निगम ने बनाया है। जिससे पोल पर लटकते तारों से दुर्घटनाएं नहीं होने के साथ ही बिजली चोरी पर रोक लगने की उम्मीद जताई गई। इसके लिए बजट की मंजूरी के लिए विभाग ने पूर्व में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) में प्रस्ताव भेजा था। इसके लिए योजना के तहत विभाग को बजट नहीं मिल सका। जिससे लाइन अंडरग्राउंड करने की योजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद बजट की उम्मीद में फिर से एडीबी योजना में दो साल पहले प्रस्ताव भेजा गया। इसमें भी बजट की मंजूरी नहीं मिल सकी है। ऐसे में खतरा बने बिजली लाइनों का स्थायी समाधान होना मुश्किल बना हुआ है। नैनीताल में संवेदनशील पहाड़ ने रोका काम हल्द्वानी के साथ ही नैनीताल में भी बिजली लाइन को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव बनाया गया है। वहीं शहर की पहाडिय़ों को संवेदनशील बताकर बजट देने से मना किया गया है। जिससे अब नैनीताल में भी बिजली लाइन अंडरग्राउंड नहीं होगी। कोट – बिजली लाइन को अंडरग्राउंड करने के लिए बजट की मंजूरी नहीं मिली है। खतरा वाली जगहों पर कवर्ड लाइन लगाई जा रही है। प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम
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