कोटद्वार,02 फरवरी (आरएनएस)। दुगड्डा व जयहरीखाल ब्लॉक को जोडऩे वाली सेंधीखाल-सीला-बरस्वार-चुंडई मोटर मार्ग का शुरुआती ढाई किमी हिस्से का डामरीकरण एक दशक बाद भी अब तक नहीं हो पाया है जिससे इस मार्ग से जुड़े दुगड्डा, जयहरीखाल व रिखणीखाल ब्लॉक के ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में कच्ची सड़क में पानी जमा होने से मार्ग पर आवाजाही करना मुश्किल हो जाता है। जयहरीखाल व दुगड्डा ब्लॉक के ग्रामीण वर्षों से सेंधीखाल-सीला-बरस्वार-चुंडई मोटर मार्ग के निर्माण की मांग उठाते आ रहे थे। वर्ष 2005-06 में शासन ने इस सड़क के निर्माण को स्वीकृति प्रदान कर सवा दो करोड़ का बजट आवंटित किया। इसके तहत पहले चुंडई से दुगड्डा ब्लॉक के सीला गांव तक लैंसडौन विधानसभा में पडऩे वाले 10.5 किमी. हिस्से की रोड कटिंग हुई व इसके बाद यमकेश्वर विधानसभा में सीला से फुलणसैंण गांव तक 2.5 किमी. सड़क काटी गई। एक दशक पहले लैंसडौन विधानसभा में चुंडई से सीला गांव तक के हिस्से का डामरीकरण हो चुका है जबकि यमकेश्वर विधानसभा में सीला गांव से फुलणसैंण तक बजट के अभाव में अभी तक 2.5 किमी. हिस्से का डामरीकरण अभी तक नहीं हो पाया है। डामरीकरण न होने से बरसात में स्थिति संवेदनशील बनी हुई रहती है। ग्रामीण सुधीर असवाल, पूर्व प्रधान विक्रम सिंह आदि का कहना है कि फुलणसैंण से सीला तक मोटर मार्ग के कच्चे हिस्से पर डामरीकरण न होने से वाहनों की आवाजाही असुरक्षित बनी रहती है। मार्ग का डामरीकरण होने से स्थानीय ग्रामीणों के साथ पर्यटकों को भी सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी।
सीला-फुलणसैंण सड़क के डामरीकरण कार्य उनकी प्राथमिकता में शामिल है। राज्य योजना से सड़क का शीघ्र डामरीकरण कराया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय जनता को सुगम आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी। – रेनू बिष्ट, विधायक यमकेश्वर विधानसभा।
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