देहरादून,02 फरवरी (आरएनएस)। जंगी बटालियन के नाम से विख्यात छह कुमाऊं रेजिमेंट के पूर्व सैनिकों ने बटालियन का 86वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। धौलास में हुए समारोह में एक ओर शौर्य की गाथाएं गूंजीं, वहीं दूसरी ओर कुमाऊनी लोक संस्कृति और पारंपरिक खेलों ने समारोह में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम का शुभारंभ पलटन के अमर शहीदों की स्मृति में बने अस्थाई वॉर मेमोरियल पर पुष्प चक्र अर्पित कर किया गया। पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर जवानों की शहादत को याद किया। इसके बाद समूचा वातावरण रेजिमेंट के युद्ध घोष और जयकारों से गूंज उठा। समारोह का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। बटालियन के रीति-रिवाजों को जीवंत रखते हुए पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने पारंपरिक कुमाऊनी झोड़ा-चांचरी का गायन किया। ढोल-दमाऊ की थाप और लोक गीतों की मधुर तान पर पूर्व जांबाज झूमते नजर आए। इसके साथ ही तंबोला खेल का भी आयोजन किया गया। जिसमें युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इस खास मौके पर बटालियन के पूर्व कमांडिंग ऑफिसर कर्नल एपीएस रावत और कर्नल मुकेश सिंह बिष्ट ने सभी को स्थापना दिवस की बधाई दी। संगठन के अध्यक्ष कैप्टन माखन सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि अपनी पलटन के गौरवशाली इतिहास को याद करना हर सैनिक के लिए गर्व का क्षण होता है। इस मौके पर कर्नल अमिता रावत, सोनिया बिष्ट, लक्ष्मी रावत, कैप्टन किशन सिंह नेगी, चंदन सिंह, होशियार सिंह, रमेश सिंह, लक्ष्मण सिंह खनका समेत बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिजन उपस्थित रहे।
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