देहरादून,02 फरवरी (आरएनएस)। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में सोमवार को मोहन सिंह ‘अकेलाÓ लिखित व संपादित पुस्तक “स्वतंत्रता-पूर्व के युग परिवर्तक गढ़वाली सैनिक” का लोकार्पण एवं चर्चा आयोजित की गई। पुस्तक में स्वतंत्रता से पहले गढ़वाल के उन सैनिकों का उल्लेख है, जिनका योगदान इतिहास की मुख्यधारा में बहुत कम दर्ज हुआ। लेखक मोहन सिंह ‘अकेलाÓ ने पुस्तक के लिए दुर्लभ अभिलेखों, पारिवारिक दस्तावेजों और मौखिक इतिहास का सहारा लिया है। पुस्तक में श्रीदेव सुमन जैसे क्रांतिकारियों की शहादत और सैनिकों की भूमिका को एक साथ जोड़ा गया है। वक्ताओं ने इसे शोधार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा छात्रों की उपस्थिति रही, जिससे इतिहास के प्रति नई पीढ़ी की रुचि दिखाई दी। यह पुस्तक भविष्य में गढ़वाल के सैन्य इतिहास पर शोध के लिए संदर्भ ग्रंथ के रूप में उपयोगी मानी जा रही है। कार्यक्रम में कर्नल डीएस बर्त्वाल (सेनि), डॉ. मुनि राम सकलानी, राज्य अभिलेखागार उत्तराखंड के पूर्व निदेशक डॉ. लालता प्रसाद , डीएवी की प्रो. रंजना रावत, इतिहासकार डॉ. सुनील कुमार सक्सेना ,डॉ. योगेश धस्माना,चन्द्रशेखर तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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