ऋषिकेश,03 फरवरी (आरएनएस)। एम्स में आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम के तहत मेडिकल के छात्रों को डाक्टरी पेशे के लिए प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान कहा गया कि विनम्रता के साथ पेश आते हुए हर रोगी की पीड़ा दूर करना ही एक अच्छे डाक्टर की पहचान है। वर्ष 2026 बैच के पीजी छात्रों के लिए एम्स ऋषिकेश में इंडक्शन सेरेमनी आयोजित की गई। पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए मुख्य अतिथि संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) लखनऊ के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने छात्रों को सफलता के 10 मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता का सम्मान करने के साथ जीवन में शिक्षकों के योगदान को न भूलें। उन्होंने कहा कि पेशे में अनुशासन, योग्यता तथा ईमानदारी बनाए रखें। प्रो. धीमान ने कहा कि विनम्रता के साथ सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए जीवन में साहस और जिम्मेदारी जरूरी है। संस्थान के अध्यक्ष प्रो. राज बहादुर ने मेडिकल छात्रों के साथ अपने अनुभव और पेशेवर यात्रा को साझा किया। कहा कि एक अच्छा डाक्टर दया भाव से पेश आते हुए रोगियों की सेवा करना अपना धर्म मानता है। एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने छात्रों से आह्वान किया कि अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करें ताकि डाक्टरी पेशे से समाज की सेवा करने का मौका मिल सके। डीन एकेडेमिक प्रो. सौरभ वाष्णेय ने छात्रों को संस्थान के नियमों और अनुसंधान कार्यों की जानकारी दी। रोगी की देखभाल के बारे में बताया। कार्यक्रम को एसोसिएट डीन (पीजी) प्रो. मीनाक्षी धर आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान डीन रिसर्च प्रोफेसर शैलेन्द्र हांडू, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्याश्री, प्रो. लतिका मोहन, प्रो. जया चतुर्वेदी, प्रो. संजीव कुमार मित्तल और डॉ. वंदना ढींगरा सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य और मेडिकल छात्र मौजूद रहे।
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