कोलकाता 10 फरवरी (आरएनएस)। आर.जी. कर अस्पताल भ्रष्टाचार मामले में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। मामले के कथित ‘व्हिसलब्लोअरÓ और आर.जी. कर के पूर्व डिप्टी सुपर (नॉन-मेडिकल) अख़्तर अली ने आज सुबह अलीपुर स्थित विशेष सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण किया।
सूत्रों के मुताबिक, जिस भ्रष्टाचार मामले को उजागर करने में अख़्तर अली की भूमिका रही, उसी की जांच के दौरान सीबीआई को उनके खिलाफ भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। सीबीआई की चार्जशीट में भी उनका नाम शामिल है।
बताया गया है कि गत सप्ताह अदालत ने अली को आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। हालांकि, वह उस समय अदालत में उपस्थित नहीं हुए और अस्वस्थता का हवाला देते हुए हावड़ा के एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गए। निर्धारित समय पर आत्मसमर्पण न करने के कारण अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद शनिवार को अख़्तर अली अदालत पहुंचे थे, लेकिन बिना पूर्व सूचना के आने और सीबीआई के वकील तथा उनके निजी अधिवक्ता की अनुपस्थिति के कारण उस दिन आत्मसमर्पण नहीं हो सका। उन्होंने अदालत को बताया था कि वह सोमवार, नौ फरवरी को उपस्थित होंगे। हालांकि, सोमवार को सीबीआई के जांच अधिकारी और वकील मौजूद रहने के बावजूद अख़्तर अली अदालत नहीं पहुंचे। लंबी प्रतीक्षा के बाद सभी को अदालत कक्ष छोडऩा पड़ा। अंतत: आज उन्होंने आत्मसमर्पण किया। अली ने आर.जी. कर अस्पताल में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर टाला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने संदीप घोष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे और वर्ष 2023 में राज्य सतर्कता आयोग को लिखित शिकायत भी सौंपी थी, जिसमें 15 अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था। इसके बाद उनका तबादला मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कर दिया गया।
गौरतलब है कि नौ अगस्त 2024 को आर.जी. कर अस्पताल में एक मेडिकल छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आने के बाद, भ्रष्टाचार के आरोप एक बार फिर चर्चा में आए। इस मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई जांच शुरू हुई थी। अख़्तर अली की शिकायतों के आधार पर ही संदीप घोष की गिरफ्तारी हुई थी, हालांकि फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं।


















