नईदिल्ली,10 फरवरी (आरएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में भाषण के दौरान एपस्टीन फाइल्स में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का जिक्र किया, जिसके बाद पुरी ने जवाब दिया है। पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका के यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की एपस्टीन फाइल्स अपराधों के बारे में है, जबकि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी मुलाकात एपस्टीन से अंतरराष्ट्रीय शांति संस्थान (आईपीआई) के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में हुई थी।
पुरी ने आरोपों पर कहा, सभी चीजें सार्वजनिक हैं। 30 लाख ईमेल जारी हैं, जिसमें मैं न्यूयॉर्क में 8 साल रहा हूं। वर्ष 2009 में राजदूत बनने के बाद 2017 में मंत्री बनने तक। इस दौरान मेरी 3-4 मुलाकात ही हुई है। राजदूत पद से सेवानिवृत्ति के कुछ महीने बाद मुझे आईपीआई में शामिल होने का न्यौता मिला था। हालांकि, मैं आईपीआई का हिस्सा नहीं था बल्कि एक स्वतंत्र समिति का हिस्सा था, जो आईपीआई के प्रोजेक्ट का हिस्सा था।
पुरी ने आगे कहा, इस समिति के अध्यक्ष उस समय ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री थे और मैं महासचिव था। मेरे बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे और मैं उनसे प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में केवल कुछ मौकों पर, अगर कहें तो 3 या अधिकतम 4 बार ही मिला था। समिति अंतरराष्ट्रीय मामलो को देख रही थी और एपस्टीन उसका हिस्सा नहीं थे। समिति में ऑस्ट्रेलिया, नार्वे, घाना, मैक्सिको समेत कई देशों के बड़े लोग शामिल थे।
पुरी ने आगे स्पष्ट किया, इस पूरे 8 सालों में, एपस्टीन के साथ केवल दो संदर्भ और एक ईमेल आदान-प्रदान हुआ है क्योंकि इन लोगों ने ही मुझे उनसे मिलवाया था। ईमेल आदान-प्रदान में, जिसकी प्रति एपस्टीन को भी भेजी गई थी, मैं लिंक्डइन के पूर्व प्रमुख रीड हॉफमैन को बता रहा हूं। एपस्टीन फाइल्स, गलत कामों, क्रिमिनल अपराधों के बारे में हैं। मेरी बातचीत का इससे कोई लेना-देना नहीं था।
अमेरिका के न्याय विभाग की ओर से दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के दस्तावेज सार्वजनिक किए जा रहे हैं, जिसमें कई भारतीय लोगों के नाम सामने आए हैं। पुरी पर आरोप है कि उन्होंने एपस्टीन के साथ ईमेल साझा किए थे और उनकी मदद की थी। पुरी पर एपस्टीन की सहायक को भारतीय वीजा दिलाने का भी जिक्र ईमेल में है। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने पुरी के ऐसे ही ईमेल को एक्स पर साझा किया है।
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