नईदिल्ली,11 फरवरी (आरएनएस)। संसद में बुधवार को बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार का इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काफी जोर है। उन्होंने कहा कि बजट में की गई घोषणा से एमएसएमई को काफी फायदा होने वाला है। साथ ही साथ स्किल डेवलपमेंट को लेकर की गई अनाउंसमेंट से युवाओं का लाभ मिलने जा रहा है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी, जिसमें आयुष को भी शामिल किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कहा कि मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि बजट तैयार करने से पहले मुझसे मिले राज्यों के वित्त मंत्रियों की सिफारिश पर, जो एक नॉर्मल कैलेंडर इवेंट है, क्योंकि मैं हर बजट से पहले राज्य के वित्त मंत्रियों से मिलती हूं और उनकी सिफारिश को मानते हुए, हम जो कैपिटल एक्सपेंडिचर सपोर्ट देते हैं, जो 50 साल का बिना ब्याज वाला लोन है, वह आखिर में एक ग्रांट के बराबर होगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अब छात्रों को अपने शिक्षा पूरी करने के बाद कौशल सीखने के लिए अलग रास्ता नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास को शिक्षा का हिस्सा बनाया जा सकता है, ताकि छात्र पढ़ाई पूरी होने के बाद सीधे उद्यमिता की ओर कदम बढ़ा सकें। सीतारमण ने बताया कि हमने कहा है कि शिक्षा पूरी करने के बाद कौशल हासिल करने की तलाश करने के बजाय, इसे शिक्षा में ही शामिल किया जा सकता है। इससे जब छात्र बाहर आएंगे, तो वे कह सकेंगे कि मैं उद्यमी बन सकता हूं। और इस तरह का मेगा सेंटर किसी भी राज्य के औद्योगिक क्लस्टर के पास स्थापित किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ये मेगा उद्यमिता निर्माण केंद्र शिक्षा हब के रूप में काम कर सकते हैं। ये केंद्र राज्यों में स्थापित किए जा सकते हैं और सरकार इसके लिए राज्यों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है। सीतारमण ने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि इस विशाल उच्च शिक्षा केंद्र को स्थापित किया जाए, ताकि छात्र वहां जाकर उद्यमी बनकर बाहर निकल सकें। ये पहल उच्च शिक्षा और कौशल विकास को जोडऩे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे छात्रों को न केवल रोजगार के अवसर मिलेंगे बल्कि वे अपने खुद के व्यवसाय भी शुरू कर सकेंगे।
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