तेहरान/वॉशिंगटन ,19 फरवरी । तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत के बावजूद युद्ध की आशंका बढ़ती नजर आ रही है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका ने ईरान पर संभावित हमले की तारीख तय कर ली है। साथ ही यह भी कहा गया है कि पेंटागन ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई को देखते हुए आने वाले दिनों में कुछ कर्मियों को अस्थायी रूप से मध्य पूर्व से हटा रहा है।
अमेरिकी समाचार वेबसाइट ्र&द्बशह्य की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच पूर्ण पैमाने पर संघर्ष की आशंका जताई गई है, जो कई हफ्तों तक चल सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल भी आने वाले दिनों में युद्ध की स्थिति को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर रहा है। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ष्ठशठ्ठड्डद्यस्र ञ्जह्म्ह्वद्वश्च इस मुद्दे को लेकर नाराज हैं और उनके एक करीबी सलाहकार ने आने वाले हफ्तों में सैन्य कार्रवाई की 90 प्रतिशत संभावना जताई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यदि सैन्य कार्रवाई होती है तो वह सीमित या प्रतीकात्मक नहीं होगी, बल्कि कई हफ्तों तक चलने वाला व्यापक अभियान हो सकता है। इसे पिछले जून में हुए 12-दिवसीय इजरायली हमले से भी बड़ा बताया जा रहा है। यह भी कहा गया है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान में संयुक्त अभियान चला सकते हैं।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। वर्तमान में दो एयरक्राफ्ट कैरियर, 12 युद्धपोत, सैकड़ों लड़ाकू विमान और कई एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए गए हैं। हाल के दिनों में 150 से अधिक अमेरिकी सैन्य कार्गो विमानों ने हथियार और गोला-बारूद मध्य पूर्व पहुंचाया है। पिछले 24 घंटों में भी सैन्य आपूर्ति तेज की गई है, जिनमें 50 से अधिक लड़ाकू विमान, जैसे एफ-35, एफ-22 और एफ-16, क्षेत्र की ओर भेजे गए हैं। इस बढ़ती सैन्य गतिविधि ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है कि क्षेत्र में बड़ा और विनाशकारी संघर्ष शुरू हो सकता है।
व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के रवैये से असंतुष्ट हैं। एक वरिष्ठ सलाहकार ने अगले कुछ हफ्तों में सैन्य कार्रवाई की 90 प्रतिशत संभावना जताई है। हालांकि, पेंटागन के कुछ अधिकारी अब भी सतर्क रुख अपनाने की सलाह दे रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सभी विकल्प खुले हैं। संभावित अभियान को पिछले वर्ष के 12-दिवसीय संघर्ष से कहीं अधिक व्यापक बताया जा रहा है।
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