उत्तरकाशी,19 फरवरी (आरएनएस)। जनपद के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था रामभरोसे चल रही है। बड़कोट के कुथनौर गांव में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में सालों से छात्रों के पठन-पाठन का जिम्मा महज एक शिक्षक पर है। स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग के बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। कुथनौर में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय और राजकीय इंटर कॉलेज का एक ही परिसर है। इंटर कॉलेज में 12 से 14 शिक्षक तैनात हैं, लेकिन उच्च प्राथमिक स्कूल में एक ही शिक्षक 40-50 बच्चों को पढ़ा रहा है। ऐसे में एक शिक्षक से ही बच्चों को सारे विषय की पढ़ाई कवर करनी पड़ रही है। कुथनौर प्रधान संदीप नौटियाल ने बताया कि दो तीन साल पहले तक स्कूल में दो शिक्षक थे लेकिन इस बीच एक शिक्षक का तबादला हो गया जिससे अब स्कूल एकमात्र शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है। स्कूल में क्षेत्र के कुथनौर, नाखुणा, कफोला, हालना, पाली, पुजारगांव आदि गांवों से स्कूली बच्चे पढऩे आते हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों का पठन-पाठन पूरी तरह से चौपट है। इससे अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी को भी पत्र प्रेषित किया गया है। अभिभावकों की मांग है कि यहां एक परिसर में संचालित दोनों विद्यालयों का एकीकरण किया जाए और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों की पर्याप्त तैनाती हो। उन्होंने विद्यालय में जल्द और शिक्षकों की नियुक्ति न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी नौगांव नरेश रावत का कहना है कि हाल ही में दुर्गम विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। इस स्कूल में शिक्षकों की तैनाती को लेकर खंड स्तर से पत्राचार किया गया है। जल्द ही यहां भी शिक्षकों की नियुक्ति हो जाएगी।
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