नई दिल्ली,23 फरवरी (आरएनएस)। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को दिल्ली में भारत टैक्सी ऐप सर्विस के कैब ड्राइवरों से बातचीत की. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोऑपरेटिव-बेस्ड राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म यह पक्का करता है कि प्रॉफिट कोऑपरेटिव मालिकों के बजाय कड़ी मेहनत करने वालों को मिले.
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी को दिल्ली में भारत का पहला कोऑपरेटिव-बेस्ड राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म, भारत टैक्सी लॉन्च किया था. ड्राइवरों से बात करते हुए अमित शाह ने भारत टैक्सी और दूसरे राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म के बीच बुनियादी अंतर समझाया.
अमित शाह ने कहा, कॉन्सेप्ट यह है कि जो मेहनत कर रहा है उसे प्रॉफिट मिलना चाहिए, किसी अमीर आदमी को नहीं. हमें भारत टैक्सी का आइडिया क्यों आया? आपने कहा कि बहुत सारी शिकायतें थी, 30 परसेंट काट लिया गया और कोई पक्का नहीं था.
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि जहां ट्रेडिशनल राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म अपने मालिकों को अमीर बनाने का मकसद रखते हैं, वहीं भारत टैक्सी मॉडल ड्राइवरों को खुद मालिक बना देता है. अमित शाह ने कहा, उन कंपनियों को चलाने का मकसद मालिकों को अमीर बनाना है. हमारा मकसद भी मालिकों को अमीर बनाना है. फर्क सिर्फ इतना है कि आप मालिक हैं.
भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म एक कोऑपरेटिव मॉडल पर काम करता है, जहां ड्राइवर स्टेकहोल्डर होते हैं और होने वाले मुनाफे के बेनिफिशियरी होते हैं, जबकि पारंपरिक राइड-हेलिंग सर्विस में प्लेटफॉर्म एक बड़ा कमीशन काटता है.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के बीच साइन हुए एमओयू के तहत भारत टैक्सी को दिल्ली में 21 जगहों पर 34 प्रीपेड टैक्सी बूथ डिजिटली चलाने की इजाजत मिलेगी, जिससे पैसेंजर सेफ्टी, ट्रांसपेरेंसी, ड्राइवर की इनकम और सर्विस क्वालिटी बेहतर होगी.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की मदद से भारत टैक्सी ने एक जॉइंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी बनाया है, जिसमें रियल-टाइम राइड मॉनिटरिंग, एसओएस अलर्ट और रैपिड इमरजेंसी रिस्पॉन्स मैकेनिज्म शामिल हैं, जो रोड सेफ्टी, रेगुलेटरी कम्प्लायंस और कम्यूटर सिक्योरिटी को बढ़ावा देते हैं.
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