बीजापुर, 23 फरवरी (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष गिरधारी नायक ने अपने बीजापुर प्रवास के दौरान उप जेल एवं कोतवाली थाना का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उप जेल में बंदियों से संवाद, शिक्षा पर दिया विशेष जोर
अध्यक्ष नायक ने उप जेल पहुंचकर निरुद्ध बंदियों से सीधे संवाद किया और उनके जेल तक पहुंचने के कारणों की जानकारी ली। बातचीत के दौरान अधिकांश बंदी नक्सल गतिविधियों से जुड़े पाए गए। गिरधारी नायक ने उनकी शैक्षणिक योग्यता एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी ली, जिसमें बड़ी संख्या में बंदी कम पढ़े-लिखे या अशिक्षित पाए गए।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अशिक्षा के कारण कई लोग भटककर गलत रास्ता अपना लेते हैं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए बंदियों को सुधार और पुनर्वास की दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। बंदियों ने भी शिक्षा के महत्व को स्वीकार करते हुए सकारात्मक जीवन की ओर बढऩे की इच्छा जताई।
निरीक्षण के दौरान जेल में उपलब्ध भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली गई।
कोतवाली थाना में कार्यप्रणाली की समीक्षा
इसके पश्चात अध्यक्ष नायक ने कोतवाली थाना बीजापुर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली, शिकायत निवारण व्यवस्था, आगंतुकों को मिलने वाली सुविधाओं तथा दर्ज एवं निराकृत प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। थाना परिसर के विभिन्न कक्षों का अवलोकन कर पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि नागरिकों के मानव अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा न्याय प्रक्रिया में निष्पक्षता बनी रहे।
इस दौरान कलेक्टर संबित मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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