2026 में गुणवत्ता, लिक्विडिटी और संस्थागत सहयोग को बताया विकास का आधार
नई दिल्ली, 24 फरवरी (आरएनएस)। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) – दिल्ली स्टेट के सहयोग से रोहिणी स्थित क्राउन प्लाजा में बीआईएस–आईआईए दिल्ली स्टेट इंडस्ट्री मीट का आयोजन किया। अनुपालन-आधारित वैश्विक अर्थव्यवस्था में मानकीकरण के महत्व, हितधारकों की जागरूकता और एमएसएमई की तैयारियों पर केंद्रित इस बैठक में उद्योग विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और वित्तीय नेतृत्व ने गुणवत्ता मानकों, लिक्विडिटी चुनौतियों तथा सतत विकास के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम का नेतृत्व बीआईएस के सीनियर डायरेक्टर एवं प्रमुख (DLBO-I) आर.आर. सिंह और आईआईए दिल्ली स्टेट की चेयरपर्सन डॉ. ममतामयी प्रियदर्शिनी ने किया। सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद उद्घाटन सत्र में गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को केंद्र में रखा गया। आर.आर. सिंह ने कहा कि मजबूत गुणवत्ता मानक भारत के औद्योगिक ढांचे को अंतरराष्ट्रीय बाजार में विश्वसनीय बनाते हैं। वहीं, डॉ. आर.के. भारती ने एमएसएमई के लिए सरकारी पहलों और उत्पाद सुरक्षा सुनिश्चित करने में बीआईएस की भूमिका को रेखांकित किया। इसी क्रम में डॉ. ममतामयी प्रियदर्शिनी ने स्पष्ट किया, “जागरूकता से अनुपालन आता है और अनुपालन से प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि एमएसएमई को मानकीकरण को बोझ नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास की रणनीति के रूप में देखना चाहिए। इसके उपरांत तकनीकी सत्र आयोजित हुआ। डिप्टी डायरेक्टर सचिन सिंह नरूका ने बीआईएस की प्रमुख गतिविधियों की जानकारी दी, जबकि डिप्टी डायरेक्टर शिवम अग्रवाल ने प्रमाणन प्रक्रिया और नई पहलों को विस्तार से समझाया। साथ ही, एक वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से डिजिटल संसाधनों और हालिया पहलों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। इस दौरान इंटरैक्टिव सत्र में उद्योग प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और सुझाव भी दिए। समापन सत्र में आईआईए सीईसी सदस्य डॉ. एल.के. पांडे ने सभी वक्ताओं, अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी संस्थानों की भूमिका की सराहना की, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम औपचारिक रूप से संपन्न हुआ।

