तेलंगाना स्टेट प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ एक्ट के तहत ऐतिहासिक पहल; अगले दशक में 30,000+ पेशेवरों को प्रशिक्षित करने और 15 लाख से अधिक लोगों की सेवा का लक्ष्य
हैदराबाद / नई दिल्ली , 27 फरवरी (आरएनएस)। भारत की पुनर्वास और समावेशी स्वास्थ्य अवसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सेंट मैरीज़ रिहैबिलिटेशन यूनिवर्सिटी (SMRU) की स्थापना हैदराबाद में तेलंगाना स्टेट प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ एक्ट के तहत की गई है। भारत की पहली पूर्णतः एकीकृत रिहैबिलिटेशन यूनिवर्सिटी के रूप में परिकल्पित SMRU का उद्देश्य पुनर्वास शिक्षा, क्लिनिकल सेवाओं, अनुसंधान और मानव संसाधन विकास के बीच मौजूद महत्वपूर्ण अंतरालों को दूर करना है। ऐसे समय में, जब भारत फिजियोथेरेपी, ऑक्युपेशनल थेरेपी, स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजी, रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी, विशेष शिक्षा और अन्य सहयोगी क्षेत्रों में प्रशिक्षित पेशेवरों की गंभीर कमी का सामना कर रहा है, SMRU एक एकीकृत संस्थागत मॉडल प्रस्तुत करता है, जो अकादमिक उत्कृष्टता को गहन क्लिनिकल अनुभव के साथ जोड़ता है। विश्वविद्यालय की स्थापना समावेशी विकास के संवैधानिक दायित्व और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPWD Act) के उद्देश्यों के अनुरूप है। भारत में कानूनी रूप से 21 प्रकार की दिव्यांगताओं को मान्यता प्राप्त है। न्यूरोडेवलपमेंटल स्थितियों, मानसिक स्वास्थ्य विकारों, दुर्लभ रोगों, आयु-संबंधी अक्षमताओं तथा ट्रॉमा रिकवरी के कारण पुनर्वास सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद देश में पुनर्वास सेवाएं खंडित हैं, अंतर्विषयक समन्वय सीमित है और भौगोलिक पहुंच असमान बनी हुई है। SMRU को इस राष्ट्रीय क्षमता अंतर को दूर करने के लिए एक संरचनात्मक और प्रणालीगत समाधान के रूप में विकसित किया गया है। यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान के रूप में कार्य नहीं करेगा, बल्कि कक्षा शिक्षण, व्यावहारिक क्लिनिकल प्रशिक्षण, ग्रामीण आउटरीच, सहायक तकनीक नवाचार और मानव संसाधन विकास को एक समेकित पारिस्थितिकी तंत्र में एकीकृत करेगा।RPWD Act की धारा 47, जो दिव्यांगता अध्ययन और कार्यबल विकास को बढ़ावा देने का निर्देश देती है, के अनुरूप SMRU स्वयं को केवल डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक क्षमता निर्माण मिशन के रूप में स्थापित करता है।
सेंट मैरीज़ रिहैबिलिटेशन यूनिवर्सिटी भारतीय उच्च शिक्षा में एक नया संस्थागत मॉडल प्रस्तुत करती है — ऐसा मॉडल जो पुनर्वास को खंडित सेवाओं से आगे बढ़ाकर एक व्यापक, एकीकृत राष्ट्रीय क्षमता प्रणाली में रूपांतरित करने के लिए समर्पित है।

