लखनऊ, 12 मार्च (आरएनएस ) सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश माला श्रीवास्तव ने प्रदेश में खनन विभाग के कार्यों, प्रवर्तन कार्रवाइयों, राजस्व प्राप्तियों तथा विभागीय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सभी जनपदों में उपखनिजों के खनन, परिवहन और राजस्व प्राप्ति की स्थिति का गहन परीक्षण किया गया।समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी जनपदों के खनन अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन और अवैध परिवहन पर प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई करते हुए पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप खनन विभाग को पूरी सक्रियता के साथ कार्य करना होगा और किसी भी स्थिति में अवैध गतिविधियों को पनपने नहीं दिया जाएगा।माला श्रीवास्तव ने निर्देश दिया कि नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा खनन से संबंधित राजस्व प्राप्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करें।उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य में शिथिलता, लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।समीक्षा के दौरान कार्यों में शिथिलता, उदासीनता और कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन न करने तथा निर्धारित राजस्व लक्ष्य के अनुरूप प्राप्ति न करने के कारण जनपद बांदा के खान अधिकारी राज रंजन कुमार और जनपद गोण्डा के खान अधिकारी अभय रंजन को वित्तीय वर्ष 2025-26 की मध्यावधि के लिए विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की गई है।उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रदेश में खनन व्यवस्था को पारदर्शी, प्रभावी और राजस्व उन्मुख बनाते हुए कार्य किया जाए, ताकि अवैध खनन पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित हो सके और राज्य की राजस्व प्राप्तियों में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
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