लखनऊ, 12 मार्च (आरएनएस ) । राज्य सरकार ने गन्ना किसानों की खुशहाली और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब तक 3,15,753 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित किया है। इससे प्रदेश के लगभग 48 लाख गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिली है। सरकार की सख्त निगरानी और नियमित समीक्षा के चलते चीनी मिलों द्वारा भुगतान प्रक्रिया में तेजी आई है और वर्तमान पेराई सत्र में 42 चीनी मिलों ने किसानों को शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान किया है।गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने बताया कि भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए एस्क्रो अकाउंट के माध्यम से डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को प्रभावी बनाया गया है। किसानों को गन्ना पर्ची, सर्वे और गन्ना मूल्य भुगतान से जुड़ी जानकारी एसएमएस और विभागीय पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इससे भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता आई है और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो रहा है।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तथा गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के मार्गदर्शन में गन्ना किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अपर मुख्य सचिव (चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास) बीना कुमारी के निर्देशों के तहत गन्ना हितैषी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से भुगतान के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है।गन्ना आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक किसानों को गन्ना मूल्य के रूप में सबसे बड़ी धनराशि का भुगतान कर रिकॉर्ड स्थापित किया गया है। प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की है। इसके तहत अगैती प्रजातियों के लिए 400 रुपये प्रति कुंतल और सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रुपये प्रति कुंतल की दर निर्धारित की गई है। इस वृद्धि से किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य में गन्ना विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। उन्नत बीज, अधिक उत्पादन और समृद्ध किसान के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए गन्ना खेती में तकनीकी सुधार के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।इसी क्रम में राष्ट्रीय शर्करा संस्थान कानपुर और गन्ना शोध परिषद के साथ हाल ही में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे ब्रीडर सीड की उपलब्धता में लगभग 12 हजार कुंतल की वृद्धि होगी और मध्य व पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त उन्नत गन्ना प्रजातियों के बीज की उपलब्धता बढ़ाने और उनकी शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद और बलरामपुर चीनी मिल की हैदरगढ़ इकाई के बीच भी समझौता ज्ञापन किया गया है।इस समझौते के तहत टिश्यू कल्चर तकनीक के माध्यम से उन्नत और रोगमुक्त गन्ना पौध तैयार किए जाएंगे, जिससे गन्ना उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
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