लखनऊ, 12 मार्च (आरएनएस )। प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन तथा समन्वय मंत्री अनिल राजभर के नेतृत्व में अधिकारियों के एक दल ने महाराष्ट्र के पुणे स्थित टाटा ऑटो कॉम्प के श्रम कल्याण केंद्र का दौरा किया। इस दल में प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शनमुगा सुन्दरम्, निदेशक सेवायोजन नेहा प्रकाश तथा अपर निदेशक प्रमोद कुमार पुंडीर भी शामिल रहे।टाटा ऑटो कॉम्प सिस्टम्स के व्यवसाय उत्कृष्टता प्रमुख सुदीप्तो मार्जित ने मंत्री और अधिकारियों का स्वागत किया तथा उन्हें श्रम कल्याण केंद्र का निरीक्षण कराया। आजीविका ब्यूरो की निदेशक दिव्या और ज्योति ने केंद्र की विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुणे में लगभग 4.5 लाख श्रमिक उत्तर प्रदेश से हैं, जो वहां की प्रवासी आबादी का लगभग 30 प्रतिशत हैं। यह केंद्र विभिन्न राज्यों से आए श्रमिकों की शिकायतों के निवारण का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और श्रमिकों को कानूनी सहायता भी प्रदान करता है।श्रम एवं सेवायोजन तथा समन्वय मंत्री ने उत्तर प्रदेश के श्रमिकों के एक समूह से बातचीत की। श्रमिकों ने अपने पूर्व में आई समस्याओं और टाटा श्रम सुविधा केंद्र की सहायता से उनके समाधान के बारे में जानकारी दी। आजीविका ब्यूरो द्वारा 14 शहरों में छह भाषाओं—हिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम—में श्रमिकों की शिकायतों के निवारण के लिए ‘इंडिया लेबरलाइनÓ नामक ऑनलाइन प्रणाली संचालित की जा रही है। एक लाख से अधिक श्रमिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इंडिया लेबरलाइन से संपर्क कर चुके हैं।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इंडिया लेबरलाइन के संचालन के लिए आजीविका फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने लेबरलाइन वैन का भी अवलोकन किया, जो श्रमिकों के कार्यस्थलों पर जाकर उनकी शिकायतें और परेशानियां सुनती है। उन्होंने इस पहल की सराहना की और अधिकारियों को उत्तर प्रदेश में भी ऐसी सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए।श्रम सुविधा केंद्र के दौरे के बाद मंत्री ने टाटा ऑटो कॉम्प सिस्टम्स लिमिटेड की उस इकाई का भी निरीक्षण किया, जो उन्नत लिथियम-आयन बैटरी कोशिकाएं, बैटरी पैक और विद्युत वाहनों के लिए ऊर्जा भंडारण समाधान के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। टाटा ऑटो कॉम्प की सामाजिक दायित्व शाखा की प्रमुख सविता ने कंपनी की गतिविधियों के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी।मंत्री ने सिम्बायोसिस मुक्त शिक्षा सोसाइटी और वाई4डी (यूथ फॉर डेवलपमेंट) फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की। सिम्बायोसिस संस्था 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण छात्राओं के लिए दीर्घकालिक और अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चला रही है। मंत्री ने अधिकारियों को सिम्बायोसिस संस्थान में उत्तर प्रदेश की छात्राओं के प्रवेश के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए।वहीं वाई4डी फाउंडेशन ने युवाओं, विशेषकर महिलाओं को रोजगार के लिए तैयार करने हेतु प्रशिक्षण देने में रुचि व्यक्त की है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश से कम से कम 100 महिलाओं को नोएडा स्थित उनके केंद्र में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाए।इसके अतिरिक्त यूरोप के स्लोवाक गणराज्य में भारत की राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंत्री अनिल राजभर, प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शनमुगा सुन्दरम् और निदेशक सेवायोजन नेहा प्रकाश ने भाग लिया। टाटा ऑटो कॉम्प की स्लोवाक गणराज्य में भी एक विनिर्माण इकाई है, जहां भारत से सैकड़ों कर्मचारियों की आवश्यकता है। मंत्री ने कंपनी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें ब्रातिस्लावा स्थित भारतीय दूतावास का सहयोग लिया जाएगा।
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