लखनऊ 12 मार्च (आरएनएस )। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश किंजल सिंह ने परिवहन मंत्री के निर्देशों पर दायित्वों के निर्वहन में घोर उदासीनता और शिथिलता बरतने के आरोप में जनपद आगरा में तैनात चार यात्री/मालकर अधिकारियों—नीलम, अमित वर्मा, शारदा मिश्रा और शिव कुमार मिश्रा—को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही आगरा में तैनात सहायक संभागीय प्रवर्तन अधिकारी को भी निलंबित किए जाने की संस्तुति शासन को भेजी गई है।परिवहन आयुक्त ने बताया कि 11 मार्च 2026 को अपराह्न लगभग ढाई बजे आगरा के आरबीएस हायर सेकेंडरी स्कूल, अगवार रोड भागूपुर (हवेली), एत्मादपुर की एक स्कूली बस से हुए हादसे में एक बच्ची की दुखद मृत्यु हो गई थी। इस संबंध में मृतका के पिता द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। उप परिवहन आयुक्त आगरा द्वारा अन्य अधिकारियों के साथ किए गए स्थलीय निरीक्षण में बस की तकनीकी स्थिति खराब पाई गई। इसके बावजूद जनपद में तैनात प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा उक्त वाहन के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 15 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक तथा 1 जुलाई से 15 जुलाई 2025 तक विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश सभी परिवहन अधिकारियों को दिए गए थे। साथ ही समय-समय पर स्कूली वाहनों और अनधिकृत रूप से संचालित वाहनों के खिलाफ सघन प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए जाते रहे हैं।इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्यों के प्रति घोर उदासीनता और शिथिलता पाई गई, जो उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 का उल्लंघन है। निलंबन अवधि में सभी अधिकारी परिवहन आयुक्त कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। मामले की जांच के लिए उप परिवहन आयुक्त (यात्रीकर) संजय सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है, जिन्हें एक माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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