सिरसा 16 मार्च (आरएनएस)। चौ. देवीलाल गौशाला, सिरसा में गो पूजन-गोदान के उपलक्ष में आयोजित गो गोपाल कथा में पूज्य गुरुदेव डा. स्वामी दिव्यानंद महाराज ने कहा कि गो सेवा से मन सात्विक और निर्मल होता है और आज इसी निर्मलता की जरूरत है। मन बुद्धि में यदि दुर्भाव भरा है तो भला हम किसका कल्याण कर लेंगे? प्रभु श्री राम (गवां कोटियुतं दरया विद्वद्भ्यो विधि पूर्वक)करोड़ो़ं गायों को विद्वानों को विधिपूर्वक प्रदान करते थे? इस शास्त्रीय वाणी को कोरी कथा ही नहीं समझे। अपनी सोई चेतन को जगायें। हर बात में संसार के दोष ही न निकालते रहें? सब बुरे हैं ऐसा सोच सोच कर आप अकेले रह जाएंगे। इन कथाओं को सुन लेना कुछ भी कह सुन लेना नहीं जीवन को एक व्यवस्था देना है। बच्चों को विद्यालय भेजने का मतलब किसी स्कूल बिल्डिंग में भेजना नहीं। एक सिलेबस होता है जिसे पूर्ण कर हमें कुछ और भी होना होता है। आज इतनी कथायें? फिर भी हताश निराश? आदमी अपग्रेड हो रहा किंतु आदमी के सोच डी ग्रेड हो रही है जब हमें पता है कि हमारा किया कर्म फल के रूप में हमें ही मिलना है तो हम बुरा करें ही क्यों ? लोग गिनती ही करते रह जाते हैं कि हमने इतनी राम कथा-शिव कथा सुनी? और घर में देखो बहू बेटों ने कोर्ट में मुकदमे चला रखें? केवल ज्ञानी नहीं विज्ञानी भी बनो। आज गोदान के रूप में मेहता धर्मपाल, सतीश गोयल, रोशन लाल गर्ग, हरिओम भारद्वाज, अशोक गुप्ता, राजीव बंसल ललित गोयल, गोपीचंद मोदी, अश्वनी मेहता, अनिल बांगा, डा. ललित गोयल और संदीप मित्तल ने गोदान किया।
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