डॉ. अर्चना अग्रवाल ने वास्तविक जीवन के अनुभवों से किया प्रेरित
सिरसा 16 मार्च (आरएनएस)। राजकीय नेशनल कॉलेज, सिरसा में प्राचार्य डॉ. शत्रुजीत सिंह के अध्यक्षता एवं एनएसएस प्रभारी डॉ. जीतराम शर्मा के कुशल संयोजन में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का तीसरा दिन पर्यावरण और सामाजिक जागृति के अनुभवों से परिपूर्ण रहा। महाविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. रमेश सोनी ने बताया कि शिविर के प्रातकालीन सत्र की शोभा मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अर्चना अग्रवाल ने बढ़ाई, जो जिला नागरिक अस्पताल, सिरसा में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के पद पर सेवारत हैं। युवा स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए डॉ. अग्रवाल ने चिकित्सा क्षेत्र में अपने वास्तविक जीवन के अनुभवों के किस्से सांझा किए। उन्होंने मानवता की सेवा में आने वाली चुनौतियों और उनके प्रतिफल के बारे में बताया तथा सहानुभूति, अनुशासन और समर्पण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “सेवा में ही व्यक्ति को अपना सच्चा उद्देश्य मिलता है। किसी जरूरतमंद की मदद करने का संतोष ही सबसे बड़ी उपलब्धि है।
शिविर के सायंकालीन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी श्री रणजीत सिंह टक्कर ने शिरकत की। अपने संबोधन में श्री टक्कर ने छात्रों को अपने आराम क्षेत्र से बाहर निकलकर वंचितों के उत्थान के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने एक प्रगतिशील समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला और उनसे नेतृत्व कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए एनएसएस मंच का उपयोग करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान मंच का कुशल संचालन डॉ. इंद्रा जाखड़ ने किया। एनएसएस संयोजक डॉ. जीतराम शर्मा ने उपस्थित अतिथि गणों का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया।
तत्पश्चात पौधारोपण अभियान के तहत शिविर स्थल और आसपास के क्षेत्रों में दर्जनों छायादार एवं फलदार पौधे लगाए गए। प्रिंसिपल डॉ. शत्रुजीत सिंह और एनएसएस संयोजक डॉ. जीतराम शर्मा ने भी स्वयंसेवकों के साथ मिलकर पौधे रोपित किए और उनकी देखभाल का संकल्प लिया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त, स्वयंसेवकों ने अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक स्वच्छता अभियान भी चलाया। उन्होंने आसपास के क्षेत्रों की सफाई की और गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग करने की विधि सीखी तथा स्थानीय निवासियों को भी इसके लिए प्रेरित किया।
अंत में शिविर के लिए नियोजित विभिन्न सामुदायिक व सास्कृतिक गतिविधियों में स्वयंसेवकों की भागीदारी के साथ दिन का समापन हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. इंदिरा जाखड़ डॉ. भारती शर्मा प्रो. रमेश सोनी, प्रो. मनीषा नागपाल व कर्मवीर कौशिक मौजूद रहे।
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