ऽ 51 हजार दीपों से जगमगाया धनोखर चक्रतीर्थ सरोवर
ऽ आतिशबाजी के साथ दो दिवसीय नव संवत्सर महोत्सव संपन्न।
बाराबंकी 19 मार्च (आरएनएस)। बुधवार को शहर का पौराणिक धनोखर सरोवर नव संवत को शिरोधार्य करने की ऐतिहासिक उत्सव स्थली बन गया। 51 हजार दीपों एवम् एलईडी बल्बों से जगमगाते कार्यक्रम स्थल पर एकत्रित साधु-संतों एवम् हजारों लोगों ने नव संवत्सर 2083 का स्वागत पूरी भव्यता से किया। चक्रतीर्थ सरोवर पर युवाओ, महिलाओं, बच्चों एवं पुरुषों में उत्साह और उमंग ऐसा दिखा मानो सनातन परम्परा का सूर्य उदय हो रहा था। प्रभात नारायण दीक्षित के नेतृत्व में सुगम बहार संगीत के कलाकारों द्वारा भजनों की शानदार श्रृंखला प्रस्तुत की गई, जिसका हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। अध्यक्षीय उद्बोधन में स्वामी प्रणवानंद सरस्वती ने कहा कि नव संवत्सर न केवल आम भारतीयों में नई ऊर्जा का संचार करता है, बल्कि संपूर्ण प्रकृति इस अवसर पर नए कलेवर में होती है। उन्होंने कहा कि नव संवत्सर समृद्ध भारतीय परंपराओं का उत्सव है। इसके जरिए गौरवमय भारतीय विरासत को संरक्षित रखने एवम् प्रकृति के उपहारों को आत्मसात करने का सौभाग्य मिलता है। आरएसएस के सह प्रांत कार्यवाह डॉ अविनाश ने कहा कि हिंदू नव संवत्सर का स्वागत जितना महत्वपूर्ण है उतना ही महत्वपूर्ण है कि अपनी प्राचीन विरासत को सहेज कर रखना। कहा नव संवत्सर महोत्सव भारतीय समाज का स्वाभिमान जगाने में मील का पत्थर साबित होगा। बताया कि नव संवत उन विक्रमादित्य को नमन करने का भी सुअवसर है जिन्होंने ईस्वी सन् के 58 वर्ष पूर्व विक्रमी संवत का प्रवर्तन किया और सांस्कृतिक उन्नायक के रूप में राम जन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण कराने के साथ अयोध्या का पुनरुद्धार कराया। संचालन आशीष सिंह ने किया। आतिशबाजी के साथ महोत्सव का समापन हुआ। इस अवसर पर स्वामी मोहन चौतन्य, राज्य मंत्री सतीश शर्मा, सरदार भूपेंद्र सिंह, जिला संघ चालक डॉ आरएस गुप्ता, जिला प्रचारक रवि प्रकाश, जिला कार्यवाह सुधीर, सहजिला कार्यवाह श्रीओम पारितोष, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, उपेन्द्र सिंह रावत, अरविंद मौर्य, विपिन सिंह राठौर, नवीन राठौर, सुजीत चतुर्वेदी, पंकज गुप्ता, संतोष सिंह, सिद्धार्थ अवस्थी, आकाश त्रिपाठी, श्रवण सिंह, विभम, हरगोविंद सिंह, मनीष परिहार, विजय आनंद बाजपेई, डॉ विवेक वर्मा, अमितेश, अमन वर्मा, पंकज कंवल, प्रभात सिंह, आशुतोष सिंह, मनीष श्रीवास्तव, पवनेंद्र सिंह, सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
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781 स्वयंसेवकों ने जलाए 51 हजार दीपक
बाराबंकी। दीपोत्सव के लिए पौराणिक धनोखर सरोवर को 32 घाटों में वितरित किया गया। सनातन संस्कृति के प्रतीक स्वास्तिक चिन्ह की आकृति में सजाए गए 51 हजार दीपों को सुव्यवस्थित प्रकार से प्रज्ज्वलित करने में 781 स्वयंसेवकों ने अपना सहयोग प्रदान किया। वहीं दीपोत्सव के उपरांत काशी से पधारे विद्वान पुरोहितों के नेतृत्व में चक्रतीर्थ सरोवर की भव्य आरती संपन्न हुई।
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