नई दिल्ली 26 March, (Rns): नरेंद्र मोदी 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात और उनके भारत पर संभावित असर पर विस्तार से चर्चा होगी। चुनावी राज्यों को इस बैठक से बाहर रखा गया है।
‘कोरोना जैसी चुनौती’ की चेतावनी
इससे पहले प्रधानमंत्री ने 24 मार्च को राज्यसभा में कहा था कि यदि ईरान से जुड़ा संकट लंबा चलता है, तो इसके गंभीर वैश्विक और घरेलू प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने इसे आने वाले समय की “कोरोना काल जैसी बड़ी परीक्षा” बताते हुए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय की जरूरत पर जोर दिया।
ईंधन की कमी की खबरों पर सरकार का खंडन
इधर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कमी की खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। मंत्रालय के मुताबिक, भारत के पास करीब 60 दिनों का पर्याप्त कच्चा तेल और ईंधन भंडार मौजूद है, जिससे किसी तरह की आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती
सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही कमी की खबरों को ‘भ्रामक’ और ‘प्रोपेगैंडा’ करार दिया है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी अफवाहों का मकसद बाजार में घबराहट फैलाना और पैनिक बाइंग को बढ़ावा देना है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि झूठी खबरें फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जयशंकर का पाकिस्तान पर तीखा बयान
इस बीच एस. जयशंकर ने संसद में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि भारत किसी भी अंतरराष्ट्रीय विवाद में मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभाता। उन्होंने कहा कि भारत “पाकिस्तान जैसा दलाल देश नहीं है”। यह बयान कांग्रेस नेता तारिक अनवर की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका का जिक्र किया था।
कुल मिलाकर, मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए केंद्र सरकार सतर्क है और राज्यों के साथ मिलकर हर संभावित चुनौती से निपटने की रणनीति तैयार कर रही है।

