नई दिल्ली 26 March, (Rns): संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार इसमें शामिल होते हैं, लेकिन चुनिंदा अभ्यर्थी ही ऑल इंडिया सर्विसेज जैसे प्रतिष्ठित पदों तक पहुंच पाते हैं। इसी कड़ी में केरल के श्रीनाथ के. की कहानी आज युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आई है।
कुली का काम करते हुए हासिल की सफलता
केरल के मुन्नार में जन्मे श्रीनाथ के. ने आर्थिक तंगी के कारण हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। परिवार का सहारा बनने के लिए उन्होंने एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन पर कुली का काम शुरू किया। दिनभर की मेहनत के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को जिंदा रखा।
फ्री Wi-Fi बना पढ़ाई का सहारा
संसाधनों की कमी के बावजूद श्रीनाथ ने हार नहीं मानी। उन्होंने रेलवे स्टेशन पर मिलने वाले फ्री Wi-Fi का उपयोग कर अपनी तैयारी जारी रखी। ऑनलाइन लेक्चर, स्टडी मटेरियल और नोट्स—सब कुछ उन्होंने डिजिटल माध्यम से हासिल किया। उन्होंने साबित किया कि सीमित संसाधन भी बड़े सपनों की राह में बाधा नहीं बनते।
असफलताओं से सीखकर पाई कामयाबी
UPSC का सफर उनके लिए आसान नहीं रहा। कई बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आखिरकार साल 2018 में अपने चौथे प्रयास में उन्होंने परीक्षा पास कर ली और शानदार प्रदर्शन किया। इससे पहले उन्होंने केरल पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा भी पास की थी, जिससे उन्हें आर्थिक स्थिरता मिली।
देशभर में हुई सराहना
श्रीनाथ की इस प्रेरणादायक यात्रा की सराहना पीयूष गोयल ने भी की। वहीं गूगल इंडिया ने भी उनकी कहानी को अपने प्लेटफॉर्म पर जगह दी, जिससे यह सफलता देश-विदेश तक पहुंची।
‘इरादा मजबूत हो तो मंजिल दूर नहीं’
श्रीनाथ के. की कहानी यह संदेश देती है कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, मजबूत इरादे और मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनका संघर्ष आज उन लाखों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देख रहे हैं।

