जौनपुर, 28 मार्च (आरएनएस)। सुरेरी क्षेत्र के लगभग डेढ़ दर्जन गांव, जो वरुणा और बसुही नदी के किनारे बसे हुए हैं, इन दिनों अवैध खनन की वजह से गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। खासकर राईपुर, मलेथू, हीरापट्टी, सुरेरी, कोचारी, भानपुर, जगदीशपुर और परमालपुर जैसे गांव इस समस्या से सीधे प्रभावित हो रहे हैं। बसुही नदी किनारे बसे अडिय़ार, कठवतिया, नूरपुर, सरायडीह, पट्टी जिया, सराय डीह, जामडीह, काकोपुर, पट्टीभरत राय,कमरुद्दीनपुर आदि गांवों में भी अवैध खनन के चलते नदी के अस्तित्व पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इन इलाकों में लगातार हो रहे खनन से नदी की धारा कमजोर पड़ती जा रही है और कटाव तेजी से बढ़ रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि खनन विभाग, पुलिस और खनन माफियाओं की मिली भगत से लगातार अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे वरुणा और बसुही नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, दिन-रात जेसीबी और ट्रैक्टरों के माध्यम से नदियों से बालू और मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे नदियों की धारा प्रभावित हो रही है और किनारों का कटाव तेजी से बढ़ रहा है। यह भी आरोप है कि राईपुर गांव में खनन कारोबारीयों द्वारा लगभग 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाल ली गई है। यह गड्ढा सुरेरी-भदोही मुख्य मार्ग के ठीक बगल में स्थित है, जिससे राहगीरों और स्कूली छात्रों का काफी संख्या में आना-जाना रहता है, और उनके लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। बताया जा रहा है कि यह गड्ढा लगभग 5 से 10 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है, जिससे इलाके में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इससे न केवल जमीन की उपजाऊ क्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।इस अवैध खनन का असर अब गांवों तक पहुंचने लगा है। कई स्थानों पर खेतों का कटाव हो रहा है और नदी किनारे बसे घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को इसकी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे अवैध खनन कारोबारीयों के हौसले बुलंद हैं और वे खुलेआम नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो न केवल नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ेगा, बल्कि क्षेत्र के डेढ़ दर्जन गांवों की जमीन और जीवन भी संकट में आ जाएगा। उप जिलाधिकारी मडिय़ाहूं का कथन है यदि अबैध खनन हो रहा है तो संबंधित थाने से बात कर रोकवाया जाएगा।
0
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

