हम भारतीय तेल बाजार पर अमेरिका के ‘दबाव’ को खारिज करते हैं, भारत की विदेश नीति स्वतंत्र : रूसी राजदूत
नई दिल्ली 01 April, (Rns) । भारत के तेल बाजार को लेकर अमेरिका के दबाव के आरोपों पर रूस ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलिपोव ने साफ कहा कि रूस अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी भी तरह के ‘अमेरिकी दबाव’ को पूरी तरह खारिज करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि नई दिल्ली अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है। आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में डेनिस अलिपोव ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत के बाजार में रूस के लिए बाधाएं खड़ी करने की कोशिशें वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिहाज से बिल्कुल सही तरीका नहीं हैं। जब उनसे इस बारे में पूछा गया कि क्या टैरिफ विवाद के बीच भारत रूसी तेल का आयात कम कर रहा है, तो उन्होंने कहा, “मैं अमेरिका-भारत व्यापार पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हूं। लेकिन हम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी भी तरह के दबाव को सख्ती से खारिज करते हैं। यह व्यापार करने का सही तरीका नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम साफ तौर पर देख रहे हैं कि अमेरिका भारत के बाजार में रूस के लिए बाधाएं खड़ी करने की कोशिश कर रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों और व्यापार के लिए सही तरीका नहीं है। हम भारतीय तेल बाजार पर अमेरिकी दबाव को खारिज करते हैं। भारत एक स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करता है और हम ऐसे दबाव को ठुकराने के उसके रुख का स्वागत करते हैं।”
रूस के राजदूत ने यह भी बताया कि मॉस्को और नई दिल्ली के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में। उन्होंने कहा कि हाल के समय में भारत ने रूस से तेल आयात काफी बढ़ा दिया है।
डेनिस अलिपोव ने कहा, “हम दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों का विस्तार कर रहे हैं। हाल ही में भारत को रूस से तेल की आपूर्ति में काफी बढ़ोतरी हुई है। हम इस दिशा में लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे दोनों देशों को लाभ हो

