रायपुर 2 अप्रैल 2026 (आरएनएस) सुबह जैसे ही पुलिस की टीमों ने एक साथ शहर के संवेदनशील इलाकों में दबिश दी, वैसे ही चाकूबाजों, गुंडा बदमाशों और फरार वारंटियों की पूरी चेन हिल गई, रायपुर कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन में पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर के निर्देश पर चलाए गए स्पेशल अभियान “ऑपरेशन कालचक्र” ने अपराधियों के बीच सीधा डर बैठा दिया, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त उरला पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारडीह थाना क्षेत्रों में तड़के सुबह औचक रेड डाली गई, पुलिस टीमों ने पहले से चिन्हित चाकूबाजों, निगरानी बदमाशों, संदिग्धों और असामाजिक तत्वों के ठिकानों पर सीधा प्रहार किया, कार्रवाई इतनी तेज थी कि कई अपराधियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला, कुल 60 आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को थाने लाकर उनकी परेड कराई गई और सख्त चेतावनी दी गई कि अब किसी भी तरह की हरकत सीधे जेल पहुंचाएगी, इसी दौरान आर्म्स एक्ट के तहत 3 आरोपियों पर कार्रवाई की गई, वहीं 48 पौवा देशी शराब के साथ 1 आरोपी को पकड़कर आबकारी एक्ट में केस दर्ज किया गया, साथ ही 20 आरोपियों पर प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई कर पुलिस ने साफ कर दिया कि अब छोटी से छोटी गतिविधि भी नजर से नहीं बचेगी, इस पूरे ऑपरेशन का सबसे बड़ा वार उन फरार वारंटियों पर पड़ा जो लंबे समय से कानून से बचते फिर रहे थे, गुढ़ियारी से 5, खम्हारडीह से 3, पंडरी से 5 और उरला से 1 स्थाई वारंट तामिल कर कुल 14 स्थाई वारंटियों को कोर्ट में पेश किया गया, इसके अलावा 41 गिरफ्तारी वारंट और 37 जमानती वारंट भी तामिल किए गए, पुलिस ने उन मामलों को भी खत्म किया जिनमें आरोपी फरार थे, ऐसे 14 प्रकरणों का निष्पादन कर लंबित फाइलों को बंद किया गया, ऑपरेशन कालचक्र का मकसद सिर्फ गिरफ्तारी नहीं बल्कि अपराधियों के मन में मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना, अपराध पर नियंत्रण करना और संगठित नेटवर्क को तोड़ना है, पूरे अभियान में राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल शामिल रहा जिससे हर इलाके में एक साथ दबाव बनाया गया ।
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