रुद्रपुर,07 अपै्रल (आरएनएस)। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मंगलवार को आयोजित 37वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने छात्रों को ‘जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर’ बनने का संदेश दिया। उन्होंने ‘लैब टू लैंड’ और ‘फाइल टू फील्ड’ के सिद्धांत पर काम करने की अपील की। गांधी हॉल में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने कहा कि यह केवल डिग्री वितरण का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प का भी मंच है। उन्होंने विकसित भारत 2047 का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भरता, तकनीक और नवाचार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, रोबोटिक्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म कृषि के भविष्य को दिशा दे रहे हैं और इसमें युवाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि हरित क्रांति से लेकर कृषि नवाचार तक पंतनगर ने देश को नई दिशा दी है। मिलेट, शहद और अन्य कृषि उत्पादों पर हो रहे शोध कार्यों को उन्होंने मानवता के लिए उपयोगी बताया। कहा कि वैज्ञानिक शोध सीधे किसानों तक पहुंचे। उन्होंने कृषि आधारित स्टार्टअप, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण उद्यमिता को रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम बताया।
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