-यौन उत्पीडऩ एवं अवांछनीय व्यवहारों के प्रति जागरूकता विषय पर हुआ व्याख्यान
अयोध्या 8 अप्रैल (आरएनएस)। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के एमएड विभाग में मिशन शक्ति -फेस 5, के अंतर्गत , विशाखा गाइडलाइन के अनुसार यौन उत्पीडऩ एवं अवांछनीय व्यवहारों के प्रति जागरूकता विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट वक्ता के रूप में स्थाई लोक अदालत की न्यायिक सदस्य डॉ. मृदुला राय रही उन्होंने अपने व्याख्यान में बताया कि महिला एवं पुरुष दोनों समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशाखा गाइडलाइन, विशाखा बनाम राजस्थान सरकार 1997 पर चर्चा करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि यह अधिनियम एक न्यायिक हस्तक्षेप है जो पूरे भारत में कामकाजी महिलाओं को विधिक संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने वाला मैग्नाकार्टा सिद्ध हुआ है। आज कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। 11 अप्रैल 2013 को महिला यौन उत्पीडऩ निवारण अधिनियम का गठन हुआ (पोशएक्ट-2013), आईपीसी धारा 354अ जिसमें यौन उत्पीडऩ अपराध है, धारा 509 जैसे एक्ट के बारे में बताया। अवांछनीय व्यवहारों के प्रति छात्राओ को जागरूक किया। अवांछनीय व्यवहार वह सभी व्यवहार होता है जो महिला के विरुद्ध उसे असहज, अपमानित और भयभीत महसूस कराता है। मिशन शक्ति की समन्वयक डॉ. गीतिका श्रीवास्तव ने इस कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों को आत्मनिर्भर बनने एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कर राष्ट्र को सबल बनाने की प्रेरणा दी। एमएड समन्वयक प्रो. अनूप कुमार ने मिशन शक्ति को महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिए एक समग्र पहल बताया, इसका लक्ष्य महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं समान अवसर का समाज बनाना है। डॉ. शशि सिंह ने विशाखा गाइड लाइन को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत आंदोलन बताया। कार्यक्रम का संचालन एवं समापन समृद्धि पांडे ने किया। इस अवसर पर डॉ. महेंद्र सिंह , डॉ. नीलम सिंह, डॉ. प्रतिभा, डॉ. स्वाति, मनीष यादव एवं एमएड विभाग के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
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