उच्चाधिकारियों ने बताया कि नियम संगत पत्रावली का हुआ है निस्तारण
केएनआईटी जैसे उच्च शैक्षिक संस्थान की छवि को बचाने के लिए निदेशक को तथ्यों के साथ रखनी होगी बात
सुल्तानपुर 9 अप्रैल (आरएनएस)। केएनआईटी के प्रवक्ता एस.पी. कुटार ने दी आत्महत्या की धमकी। बताते चले केएनआईटी में पदोन्नति संबंधी दर्जनों प्रकरण विचाराधीन थे, जिसमें संस्थान ने नियम संगत कार्यवाही करते हुए करते हुए अरुणी सिंह ,अवधेश कुमार, राकेश कुमार सिंह, सुमन पांडेय एवं धर्मेंद्र लाल गुप्ता की पत्रावली का निस्तारण कर इंक्रीमेंट प्रदान किया। पदोन्नति से संबंधित सभी प्रकरणों का निस्तारण शासनादेश के अनुकूल और माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में किया गया। बिना पीएचडी किए हुए प्रवक्ताओं के पदोन्नति के प्रकरण को नियमानुसार शासन को प्रेषित किया गया। रेगुलर वेतन संस्थान की समस्त कार्मिक को प्रदान किया जा रहा है।
सूत्रों से पता चला कि नियम के विपरीत पत्रावली का निस्तारण न करा पाने के कारण संस्थान के कुछ शिक्षक अपने स्वार्थ से प्रभावित होकर केएनआईटी के प्रवक्ता एस.पी. कुटार को आगे करके शैक्षिक माहौल और संस्थान की छवि को धूमिल कर नियम के विपरीत लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है। संस्थान में आंतरिक गुटबंदी बहुत ज्यादा है। जिलाधिकारी महोदय को स्वत: संज्ञान लेकर स्वत: इसकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। जिससे केएनआईटी में एक स्वस्थ शैक्षिक वातावरण बना रहे और प्रदेश में एक अच्छे संस्थान के रूप में स्थापित भी हो सके। सूत्रों के अनुसार जिलाधिकारी महोदय ने शिकायती पत्रों का संज्ञान लिया जिस पर कार्यवाही हो रही है। केएनआईटी के प्रोफेसर राकेश कुमार ने शिकायतकर्ता के फोन पर फोन कर शिकायत वापस लेने का बनाया दबाव।
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