जौनपुर 10 अप्रैल (आरएनएस ) । असम में चल रहे चुनाव के दौरान वहां के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व शरमा द्वारा कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े उनके परिवार और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को अमर्यादित भाषा बोले जाने के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष डा0 प्रमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में असम के मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर नारेबाजी कर उनके चुनाव को रद्द करते हुए आजीवन चुनाव लडने पर प्रतिबंध लगाते जाने की मांग की। पुतला दहन के बाद सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हेमंत बिस्व शरमा देश के सबसे भ्रष्टतम मुख्यमंत्री हैं, उनके कार्यकाल में असम में सरकारी संरक्षण में जमकर लूटपाट हुआ, भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ा कि स्वयं मुख्यमंत्री का पूरा परिवार राज्य का धन हडप कर विदेशों में निवेश कर लिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि हेमंत बिस्व शरमा के भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद उन्होंने अपनी मानसिक संतुलन खो दिया और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ गालियां और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान असम की पुलिस का दुरपयोग एवं कांग्रेस नेताओं के नेताओं को गालियां देना आचार संहिता का उलंघन है, इसलिए चुनाव आयोग तत्काल हेमंत बिस्व शरमा का निर्वाचन रद्द करते हुए उन्हें आजीवन चुनाव लडने पर प्रतिबंध लगाये। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने चुनाव आयोग पर भी भाजपा के भ्रष्टाचार का समर्थन करने का भी आरोप लगाया।शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आरिफ खान ने कहा कि भाजपा के भ्रष्टाचार की पोल खुल गयी है, सत्ता का दुरपयोग और विपक्षी नेताओं को गालियां देना भाजपा की नियति बन गयी है। शेर बहादुर सिंह , निलेश सिंह ,लाल प्रकाश पाल अरुण शुक्ला, बाड़ू राम, मनीष सिंह, राज कुमार गुप्ता, ताहिर, राजा, रिजवान अली, अशरफ अली, अरविन्द यादव, संतोष निषाद, इकबाल, शशि यादव आदि मौजूद रहे।
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