जयपुर,11 अपै्रल (आरएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विजन इंडिया कार्यक्रम के तहत जयपुर में आयोजित हारमोनियस हेरिटेज समिट में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सौहार्द, अमन-चैन और भाईचारा बढ़ाना है, क्योंकि बिना सौहार्द के अमन-चैन और विकास संभव नहीं है।अखिलेश यादव ने कहा कि जब समाज में शांति और सौहार्द का वातावरण होता है, तभी विकास होता है और समानता स्थापित होती है। इससे समाज और देश दोनों आगे बढ़ते हैं तथा असमानता समाप्त होती है और सामाजिक न्याय की स्थापना होती है। उन्होंने कहा कि जयपुर साझी विरासत की पहचान है और पिंक सिटी के रूप में जाना जाता है। गुलाबी रंग सौहार्द का प्रतीक है और यहां की स्थापत्य कला में भारतीय और मुगल शैली का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। जयपुर की संस्कृति, किले और खानपान में भी विरासत की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि जयपुर से सौहार्द का संदेश पूरे देश में पहुंचे और देश में तरक्की तथा खुशहाली आए।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार के दौरान विरासत संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। सबसे पहले पुरातत्व निदेशालय का गठन किया गया, जिसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विरासत संरक्षण का कार्य करना था। प्रदेश के कई शहरों की धार्मिक पहचान को ध्यान में रखते हुए विरासत मार्ग की शुरुआत की गई, जिसमें आगरा, मथुरा, वाराणसी और भदोही को शामिल किया गया। इन शहरों के आधारभूत ढांचे का विकास किया गया तथा राजधानी लखनऊ के पुराने शहर का सौंदर्यीकरण कर पर्यटन को बढ़ावा दिया गया।अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने लखनऊ और आगरा जैसे शहरों को बेहतर बनाने के साथ आगरा के बटेश्वर को उसकी पहचान वापस दिलाई। पहली बार साइकिल मार्ग का निर्माण किया गया तथा पर्यावरण पर्यटन और साहित्य उत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। पार्कों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रयास किए गए और इस मुहिम में निजी क्षेत्र की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई।उन्होंने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से आयोजित मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का पहले कोई अभिलेखीकरण नहीं होता था, लेकिन समाजवादी सरकार ने पहली बार ऐसे कार्यक्रमों का अभिलेखीकरण और प्रचार-प्रसार शुरू किया तथा इसके लिए बजट भी उपलब्ध कराया। रामायण मेले का आयोजन शुरू किया गया और शिल्पकारों व बुनकरों को प्रोत्साहन देने के लिए लखनऊ में शिल्पग्राम की स्थापना की गई। भदोही में कालीन बाजार और नोएडा में भी इसी प्रकार की व्यवस्था विकसित की गई। वाराणसी और मुबारकपुर के साड़ी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए साड़ी बाजार स्थापित किए गए तथा आगरा में संग्रहालय का निर्माण कराया गया, जिससे देश-विदेश से आने वाले लोग भारतीय विरासत को समझ सकें।अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने कला, संगीत, साहित्य और शिल्प के क्षेत्र में कार्य करने वाले कलाकारों और साहित्यकारों को यशभारती सम्मान देकर उनका मनोबल बढ़ाया। बुनकरों की सहायता के लिए पेंशन योजना शुरू की गई तथा कन्नौज में इत्र पार्क स्थापित कर स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा गया। बौद्ध परिपथ को विकसित करने के साथ कुशीनगर में हवाई अड्डे का निर्माण कराया गया और अयोध्या में रामायण मेले का आयोजन पुन: प्रारंभ कराया गया। चित्रकूट में सुविधाओं का विस्तार कर वहां पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए गए।उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और पीलीभीत बाघ अनुसंधान केंद्र का विकास कर प्राकृतिक विरासत को भी बढ़ावा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि विरासत को संरक्षित करना चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन पर्याप्त बजट, स्थानीय लोगों के सहयोग और आधुनिक तकनीक के उपयोग से इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। समाजवादी सरकार के दौरान कई अभिलेखों, नक्शों और पुस्तकालयों का डिजिटलीकरण किया गया तथा कलाकारों को डिजिटल मंच उपलब्ध कराया गया।अखिलेश यादव ने कहा कि विरासत को स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए और बच्चों को ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण कराया जाना चाहिए। विरासत से संबंधित प्रतियोगिताएं और प्रश्नोत्तरी आयोजित करने से बच्चों और आम लोगों में इसके प्रति लगाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए विरासत के प्रचार-प्रसार में सोशल मीडिया प्रभावकों को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि साझी विरासत और वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश दूर-दूर तक पहुंच सके।कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और संजीव श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आलोक रंजन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहली बार विरासत नीति समाजवादी सरकार के दौरान बनाई गई, जिसके परिणामस्वरूप ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण और सुविधाओं के विकास से वर्ष 2012 से 2016 के बीच प्रदेश में पर्यटन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस अवसर पर राजीव राय ने अतिथियों का स्वागत किया तथा राजीव अरोड़ा, योगेश चौधरी, राजेन्द्र चौधरी और अभिषेक मिश्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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