*कथा के समापन पर रविवार को होगा वृहद भण्डारे का आयोजन
लालगंज, मीरजापुर ,11 अपै्रल (आरएनएस)। स्थानीय विकासखंड क्षेत्र के गंगहरा कलां गांव में चल रही शिव शक्ति महायज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शनिवार को अनंत श्री विभूषित काशी धर्म पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नारायणानंद तीर्थ जी महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में शांति और संतुलन तभी आता है जब वह अपने कर्मों को सही दिशा देता है और भगवान शिव का स्मरण करता है। उन्होंने शिव पुराण के अंतिम प्रसंगों के माध्यम से जीवन का सरल और स्पष्ट मार्ग बताया।उन्होंने कहा कि कथा केवल सुनने के लिए नहीं है बल्कि उसे आचरण में उतारना जरूरी है। मनुष्य जैसा कर्म करता है वैसा ही फल पाता है। अच्छे कर्म से सुख मिलता है और गलत कर्म से दुख मिलता है। उन्होंने बताया कि भगवान शिव का स्मरण करने से मन स्थिर रहता है और कठिन समय में भी धैर्य बना रहता है। जीवन में सत्य, संयम और सेवा का भाव रखना चाहिए। इससे व्यक्ति का जीवन संतुलित रहता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को दूसरों के प्रति द्वेष नहीं रखना चाहिए। प्रेम और सहयोग से ही समाज में शांति बनी रहती है। जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख नहीं बल्कि आत्मिक शांति प्राप्त करना है। शंकराचार्य ने कहा कि भक्ति और अच्छे आचरण से ही जीवन सफल होता है। कथा के दौरान स्वामीनारायणानंद तीर्थ जी ने समस्त क्षेत्रवासियों से कहा कि रविवार दोपहर बाद 2 बजे से कथा स्थल पर भव्य भण्डारे का आयोजन किया गया है। जिसमें सभी गांव, बाजार निवासी भण्डारे में आकर प्रसाद ग्रहण करें। इस अवसर पर जगत नारायण दुबे, डॉ.गोविंद दुबे, बापू उपरौध इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रबंधक कृष्णकांत दूबे, चंद्रमणि दुबे, महेंद्र तिवारी, कृपाशंकर तिवारी, रामाचार्य शुक्ला, हूबलाल दूबे, सिद्धनाथ पांडे, सुरेंद्र गिरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और श्रद्धा के साथ कथा का श्रवण किया।
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