०8 वर्षों से संघर्षरत 11,000 फड़ मुंशी, ?25,000 मानदेय अब तक अधूरा
०तेंदूपत्ता संग्रहण से पहले गहराया आक्रोश, 52 लाख संग्राहकों पर असर संभव
०मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
दंतेवाड़ा,18 अप्रैल (आरएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र मोदी की गारंटी में शामिल तेंदूपत्ता फड़ मुंशियों को कमिशन के अतिरिक्त ?25,000 वार्षिक देने की घोषणा अब तक अधूरी बनी हुई है। दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं होने से प्रदेश के लगभग 11,000 फड़ मुंशियों में गहरी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है। फड़ मुंशी संघ के जिला अध्यक्ष सुरजीत सेठिया ने बताया कि फड़ मुंशी विगत 8 वर्षों से लगातार संघर्ष करते हुए शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करते आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आज तक नियमित मानदेय तक प्राप्त नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि फड़ मुंशी वर्षभर तेंदूपत्ता संग्रहण, बोनस वितरण, चरण पादुका वितरण, शाखा कर्तन, बीमा योजनाएं तथा ब’चों की छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करते हैं, जिससे ग्रामीण एवं आदिवासी समुदाय को सीधा लाभ मिलता है। इसके बावजूद उनकी मांगों की लगातार अनदेखी होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि वार्षिक ?25,000 वार्षिक घोषणा से फड़ मुंशियों एवं उनके परिवारों में नई उम्मीद जगी थी, किंतु आज तक यह केवल घोषणा बनकर रह गई है। इससे फड़ मुंशियों में आर्थिक, पारिवारिक एवं मानसिक असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।बस्तर अंचल में आगामी 1-2 दिनों में तेंदूपत्ता संग्रहण प्रारंभ होने वाला है। ऐसे में फड़ मुंशियों की नाराजगी का सीधा प्रभाव प्रदेश के लगभग 52 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों पर पडऩे की संभावना है, जिससे संपूर्ण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।फड़ मुंशी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं वन विभाग की होगी। इस संबंध में संघ द्वारा कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया है।इसी कड़ी में जिले के 152 फड़ मुंशियों ने दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी से मुलाकात कर मोदी की गारंटी को लागू कराने की मांग रखते हुए ज्ञापन सौंपा। फड़ मुंशियों ने अपनी लंबित मांगों पर जल्द पहल करने का आग्रह किया।मांग जायज- विधायक दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि फड़ मुंशी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, उनकी समस्याएं वास्तविक और गंभीर हैं। मैं शीघ्र ही इस विषय को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं वन मंत्री केदार कश्यप के समक्ष रखूंगा और समाधान के लिए हर संभव प्रयास करूंगा।
०००
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

