शिवपुरी,25 अपै्रल (आरएनएस)। शिवपुरी-कोलारस क्षेत्र को शनिवार को बड़ी औद्योगिक सौगात मिली। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जहां ?2500 करोड़ के रक्षा संयंत्र की घोषणा की, वहीं बदरवास में अदानी समूह की जैकेट फैक्ट्री का शुभारंभ भी किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए कहा—”दीदियों को अब फैक्ट्री मालकिन बनाऊंगा।”
कार्यक्रम में सिंधिया ने बताया कि कोलारस क्षेत्र में करीब ?2500 करोड़ की लागत से रक्षा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह संयंत्र न केवल क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही औद्योगिक मांग को पूरा करेगा, बल्कि इसे देश के रक्षा उत्पादन के मानचित्र पर भी स्थापित करेगा। इस परियोजना के शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र का समग्र विकास होगा।
रक्षा संयंत्र के साथ ही बदरवास में अदानी समूह द्वारा स्थापित जैकेट फैक्ट्री का भी शुभारंभ किया गया। यह फैक्ट्री विशेष रूप से स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यहां आधुनिक मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी।
कार्यक्रम में सिंधिया ने महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाएं केवल श्रमिक नहीं, बल्कि उद्योग की भागीदार बनें। उन्होंने कहा, “हमारी दीदियां अब फैक्ट्री में काम करने वाली नहीं, बल्कि उसे चलाने वाली बनेंगी।” इस बयान के जरिए उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की मंशा स्पष्ट की।
इन दोनों परियोजनाओं से क्षेत्र के हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इससे न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। व्यापार, परिवहन और छोटे उद्योगों को भी इससे लाभ मिलेगा।
शिवपुरी-कोलारस क्षेत्र लंबे समय से बड़े औद्योगिक निवेश की प्रतीक्षा कर रहा था। रक्षा संयंत्र और जैकेट फैक्ट्री की शुरुआत को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे क्षेत्र की पहचान केवल कृषि तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह औद्योगिक हब के रूप में भी विकसित हो सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। रक्षा संयंत्र और फैक्ट्री की घोषणा से लोगों में उत्साह का माहौल देखा गया। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इससे क्षेत्र में रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

