जौनपुर 26 अप्रैल (आरएनएस)। केराकत थाना क्षेत्र के बकुलिया गांव में बाबा साहब के प्रतिमा के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना के बाद आक्रोशित भीड़ द्वारा चक्का जाम लगाने के मामले में पुलिस द्वारा सैकड़ो लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया,जिसके बाद ग्रामीणों ने कानूनी कार्यवाही और आगे की रणनीति पर रत्नेश कुमार के साथ बैठक कर गहन मंथन किया।इस दौरान मुकदमे के मुख्य विंदु और वर्तमान स्थित समेत अन्य बिंदुओं पर चर्चा करते हुए मंगलवार को एसडीएम को पत्रक सौंपने पर अपनी सहमित जताई। रत्नेश कुमार ने कहा कि जब बाबा साहब की मूर्ति खंडित होती है हमारी भावनाएं आहत होती है जनपद की यह पहली प्रतिमा होगी जिसे एक बार नहीं करीब छ बार खंडित की गई है जिससे लोगो में भारी आक्रोश था।मौके पर पहुंचे आलाधिकारी को आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी समेत चार सूत्रीय मांग रखी गई थी। जिसमें नई प्रतिमा व सीसीटीवी कैमरा तो लगवा दिया गया लेकिन मामले के करीब छ दिन बाद पुलिस द्वारा एक झूठा रूप देकर मुकदमा दर्ज कर बताया गया कि मौके पर दुकान बंद थी,अफरा तफरी का माहौल था व एम्बुलेंस को रोकी गई तो मैं बताना चाहता हूं कि हम लोगों के पास वीडियो फुटेज है,मानवता को ध्यान में रखते हुए भीड़ एम्बुलेंस के पीछे है इसका मतलब है कि भीड़ खुद एंबुलेंस आगे की तरफ जाने की अनुमति दे रहे है,दुकान बंद नहीं थी।घटना से लेकर अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई और न कोई सीसीटीवी फुटेज दिखाया गया।सरकार के रवैया से प्रेरित होकर पुलिस द्वारा 22 अप्रैल को सैकड़ों लोगों पर मुकदमा करना यह दर्शाता है कि सरकार की केवल मंशा है कि बाबा साहब की मूर्तियों का ध्यान रखना केवल मीडिया में प्रदर्शित करना है जबकि जमीनी हकीकत ऐसा कुछ भी नहीं है।आरोपी के गिरफ्तारी करने के बजाय पुलिस जिनकी भावनाएं आहत हुई है उन सैकड़ों लोगों पर मुकदमा करना आसान समझा।इसलिए जनपद भर से लोग मंगलवार को नार्मल मैदान में उपस्थित होकर शांति प्रिय तरीके से एसडीएम कार्यालय पहुंच एसडीएम शैलेंद्र कुमार को पत्रक सौंप फर्जी मुकदमे को वापस लेने समेत आदि मांगो को उठाई जायेगी।अगर मांग नहीं मानी गई तो जिला मुख्यालय पहुंच जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा जायेगा।इसके बाद भी मांग नहीं मानी गई तो हम लोग प्रशासन के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा लड़ेंगे और हम चाहेगें की पुलिस चार्जशीट डाले और वे अपना साक्ष्य लाए और हम लोग अपना साक्ष्य लेकर पहुंचेंगे।
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